सुपर30 का ट्रेलर देख कांपने लगी थी आनंद कुमार की मां, बेटी ने ऋतिक को बोला पापा……ऐसा था घरवालों का रिएक्शन

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बॉलीवुड में हाल ही में ऋतिक रोशन की आगामी फिल्म सुपर30 का ट्रेलर रिलीज किया गया पिछले काफी समय से ये फिल्म रिलीजिंग के लिए तरह रही है।आखिरकरा अब फिल्म की रिलीज डेट का खुलासा हो चुका है और इसी के साथ ये फिल्म 12 जुलाई को रिलीज होने वाली है।आपको बता दें हाल ही में इस फिल्म को लेकर आनंद कुमार ने एक इंटरव्यू मे शिरकत की इस दौरान उन्होनें फिल्म के ट्रेलर को लेकर अपने घरवालो का रिएक्शन बताया।

आनंद ने बताया कि इस ट्रेलर का मेरे घर वालों का बहुत इंतजार रहा है। बहुत खुश हुए सब इसे देखकर। लेकिन, सबसे ज्यादा भावुक मेरी मां हुईं। वह रो दीं ये ट्रेलर देखकर। मैं उन्हें जब ट्रेलर दिखा रहा था तो वह कांप रही थीं। कहने लगीं कि हमें यकीन ही नहीं हो रहा कि इस फिल्म में तू है। अब सभी को फिल्म का बेसब्री से इंतजार है और ये सबसे ज्यादा उन बच्चों को है जो हमारे यहां पढ़ चुके हैं।

फिल्म के बारे में आनंद ने कहा अक्सर ऐसा होता है कि किसी बायोपिक बनाने के लिए निर्माता इसके राइट्स खरीदते हैं, कहानी पूछते हैं और चले जाते हैं फिल्म बनाने। मैं हर कदम पर इनके साथ रहा। शूटिंग के दौरान भी फिल्ममेकर्स ने मुझसे सेट्स पर रहने को कहा। लेकिन कोचिंग छोड़कर मैं जा नहीं सकता। एक बार मैं जब शूटिंग पर गया तो ऋतिक खुद चलकर मेरे पास आए। मुझे लगा कि मैं खुद को ही आइने में देख रहा हूं। उनकी बोली भी बिल्कुल मेरे जैसी हो गई थी। मैंने उनसे मगही में बात की तो उन्होंने जवाब भी मगही में ही दिया, दिल खुश हो गया उनकी मेहनत देखकर।

एक अध्यापक बनने के लिए सरकारी नौकरी छोड़ने पर आनंद ने कहा कि पिताजी चाहते थे कि मैं पढ़ लिखकर वैज्ञानिक या अध्यापक बनूं और फिर लोगों के लिए मिसाल बनूं। गणित मेरा प्रिय विषय रहा। मेरे लेख तमाम जर्नल्स में छपने लगे और मुझे कैंब्रिज यूनीवर्सिटी में दाखिला भी मिल गया। लेकिन, तमाम जतन करने भी हम हवाई जहाज के टिकट भर के पैसे नहीं जुटा सके। इसी सदमे में मेरे पिताजी गुजर गए। पिताजी पोस्ट ऑफिस में थे, उनके गुजर जाने पर मुझे अनुकंपा के आधार पर नौकरी ऑफर हुई थी पर मैंने मना कर दिया। मां हर पल मेरे साथ रहीं। उन्होंने पापड़ बनाकर घर चलाया है।

आनंद ने अपने विवाद को लेकर भी बात की दरअसल कुछ छात्रों के लिए आनंद ने मुकदमा किया था जिसे लेकर आनंद कहते है कि यह सब फिल्म बनने के बाद शुरू हुआ। ये बच्चे न मेरे संपर्क में कभी आए और न ही मुझसे पढ़े हैं। किसी ने मेरे संस्थान की प्रवेश परीक्षा तक नहीं दी है। मैं और मेरा भाई दिन रात करके यह संस्थान चलाते हैं। हम सरकारी मदद भी नहीं लेते हैं। किसी भी इंसान की तरक्की होती है तो उसकी राह में रोड़े अटकाने वाले बहुत लोग आ जाते हैं। मुझे इन बच्चों से पूरी सहानुभूति है। लगता है कि ये लोग किसी के बहकावे में आ गए।फिल्म को विकास बहल डायरेक्ट कर रहे है।वही फिल्म का पहला गाना आज रिलीज होने वाला है।

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