जो छात्र जहां है, वहीं से देगा 10वीं 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं

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दसवीं और बारहवीं कक्षा के जो छात्र फिलहाल जहां हैं, वह वहीं से अपनी शेष रह गई बोर्ड परीक्षाएं दे सकेंगे। सीबीएसई नए सिरे से इन छात्रों के लिए इनके नजदीकी स्कूलों में बोर्ड परीक्षा के सेंटर बनाएगा। बुधवार शाम सीबीएसई में यह अहम निर्णय लिया गया है।

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा, “बहुत से छात्र छात्रावासों में रह रहे थे और लॉक डाउन घोषित होने के बाद छात्रावास खाली करके अपने घर चले गए हैं। कोई छात्र केरल, कोई तमिलनाडु और कई अन्य दूरदराज के स्थानों पर जा चुके हैं। स्वयं नवोदय विद्यालय में पढ़ने वाले 3000 छात्रों को मंत्रालय की सहायता से उनके घरों को भिजवाया गया है। इसलिए छात्र जिस जनपद पर फिलहाल मौजूद हैं उनकी बोर्ड परीक्षाएं उन्हीं जनपदों पर ली जाएंगी।”

उम्मीदवारों की समस्या को ध्यान में रखते हुए सीबीएसई ने परीक्षा केंद्र को छात्रों के वर्तमान जिले में स्थानांतरित करने का फैसला किया है। इस संबंध में, सीबीएसई द्वारा जून के पहले सप्ताह में अधिसूचना जारी की जाएगी। सीबीएसई के मुताबिक ऐसे उम्मीदवारों को सूचित किया जाता है कि वे अपने नजदीकी स्कूलों के संपर्क में रहें।

केंद्रीय मंत्री निशंक ने कहा छात्र, “छात्र अपनी परीक्षाओं के संबंध में अपने नजदीकी स्कूलों से संपर्क करें। अपनी जानकारी उन्हें प्रदान करें इसके उपरांत जून के प्रथम सप्ताह में इन छात्राओं को लेकर कार्यक्रम तैयार कर लिया जाएगा। हालांकि इसके लिए छात्रों को अपने नजदीकी स्कूलों में जाकर जानकारी देनी होगी।”

गौरतलब है कि इससे पहले सीबीएसई ने एक अहम निर्णय लेते हुए छात्रों के लिए उन्हीं के स्कूलों में परीक्षा देने की व्यवस्था की है। सामान्य तौर पर 10वीं एवं 12वीं कक्षा के छात्रों को बोर्ड परीक्षा देने के लिए दूसरे स्कूलों में बने परीक्षा केंद्रों पर जाना होता है, लेकिन कोरोनावायरस और लॉक डाउन को देखते हुए सीबीएसई ने यह फैसला लिया है। जो छात्र फिलहाल अपने स्कूलों के समीप रह रहे हैं वह अपनी परीक्षाएं अपने स्कूलों में ही देंगे।

न्ूयज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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