दुनिया में सबसे मजबूत है इस महिला का प्राइवेट पार्ट, जानें !

0

दोस्तों, आजकल सोशल मीडिया पर इन दिनों एक महिला काफी पॉपुलर हो रहीं है इस महिला के बारे में बताया जा रहा है कि ये महिला अपने चेहरे से ज्‍यादा प्राइवेट पार्ट की देखभाल करती है । शायद यही वजह है कि इसे दुनिया में सबसे मजबूत वैजाइना वाली महिला का खिताब दिया गया हैं । जानकारी के अनुसार, रूस में रहने वाली 42 साल की ततिया कोज्‍हेवनिकोवा को पूरी दुनिया जानती है । ततिया कोई सेलेब्रिटी नहीं है मगी उनके शरीर का एक पार्ट ऐसा है जिसने उन्‍हें चर्चित बना दिया ।

बताया जा रहा है कि, ये महिला अपने प्राइवेट पार्ट से कई किलो तक वजन उठा सकती हैं । आमतौर पर जहां जेनिटल को काफी सेंसिटिव माना जाता है, तो वहीं रूसी महिला ने अपने प्राइवेट पार्ट को इतना मजबूत बना लिया कि वह इसमें वजन बांधकर एक्‍सरसाइज कर लेती हैं ।

 

SHARE
Previous articleशरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बनाए मजबूत, कोरोना वायरस का खतरा होगा कम
Next articleविश्व बैंक ने कोविद -19 से लड़ने के लिए भारत को $ 1 बिलियन की सहायता को मंजूरी दी
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here