व्हाइट हाउस के सामने सड़क का नाम रखा गया ‘ब्लैक लाइव्स मैटर प्लाजा’

0

देश में अश्वेत समुदाय को निशाना बनाने वाली कथित पुलिस की बर्बरता के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के समर्थन में वाशिंगटन डीसी की मेयर मुरियल बोसर ने व्हाइट हाउस के सामने एक सड़क का नाम बदलकर ‘ब्लैक लाइव्स मैटर प्लाजा’ कर दिया है। एफे न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, डेमोकेट्रिक पार्टी की सदस्य मुरियल ने शुक्रवार को इसकी घोषणा की और इसके साथ ही उन्होंने व्हाइट हाउस को जाने वाली इस सड़क का अनावरण भी किया, जिसमें भित्तिचित्र के साथ बड़े-बड़े पीले अक्षरों में स्लोगन भी लिखे हुए हैं।

मुरियल ने उद्घाटन समारोह में कहा, “मैं वॉशिंगटन डीसी में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों का स्वागत करना चाहती हूं। मैं नगर परिषद के सदस्यों द्वारा शामिल की गई हूं। मैं यह सुनिश्चित करने के लिए सभी का ध्यान आकर्षित करना चाहूंगी कि हमारा राष्ट्र अधिक निष्पक्ष और न्यायपूर्ण है और ब्लैक लाइव्स और ब्लैक ह्यूमैनिटी यहां मायने रखती है।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleब्लैक लाइव्स मैटर, नस्लीय भेदभाव को संबोधित करेंगे : जुकरबर्ग
Next article12 जीबी रैम के साथ ओप्पो रेनो 4 चीन में लॉन्च हुआ, जानें कीमत और फीचर्स
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here