छठे अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्टिग एक्सपो का समापन हुआ, जानिए इसके बारे में !

0
103

‘एक्जीवीजन सर्विसेस’ और ‘इंडियन ट्रेड फेयर अकादमी’ के तत्वधान में आयोजित किए गए छठे भारतीय अंतर्राष्ट्रीय खेल सामग्री मेले का शनिवार को समापन हुआ।

तीन दिन के इस मेले में खेल समाग्री बनाने वाली कई बड़ी कंपनियां, खरीदार और डीलर्स एक छत के नीचे मौजूद थे जिसमें तकरीबन 12,000 लोगों ने शिरकत की।

मेले के प्रति शानदार प्रक्रिया से खुश होकर एक्जीवीजन सर्विसेस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) स्वदेश कुमार ने कहा, “हमारे खेल उद्योग में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जो काबिलियत है उससे हम भलीभांती परिचित हैं इसलिए हमने फैसला लिया कि हम एक कदम आगे की ओर बढ़ाएंगे।”

उन्होंने कहा, “पेशेवर तौर पर खेल से जुड़े खिलाड़ियों के अलावा खेल के दिवाने लोगों ने भी इस मेले में हिस्सा लिया और नई चीजें सीखीं। साथ ही अच्छी कीमत में कई तरह के सामना खरीदे।”

इस मेले में स्पोटर्स इंडिया फोरम, स्पोटर्स इंडिया कॉन्फरेंस, स्पोटर्स इंडिया डीलर मीट, स्पोटर्स रिहैब (स्पोटर्स सेमीनार) और स्पोटर्स इंडिया फैशन शो का आयोजन किया गया था जिनका मौजूद दर्शकों ने काफी लुत्फ उठाया।

साथ ही पीईएफआई अवार्ड भी दिए गए। यह अवार्ड शरीरिक शिक्षा में योगदान देने वाली शख्सियतों को दिए गए।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleउत्तर प्रदेश : दरोगा की पिस्टल से चली गोली, सिपाही की मौत
Next articleहिमाचल प्रदेश में जलविद्युत संयंत्र में दोबारा उत्पादन शुरू
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here