The series ‘1962 : द वॉर इन द हिल्स’ 26 फरवरी को होगी रिलीज

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अभय देओल-स्टारर सीरीज ‘1962 : द वार इन द हिल्स’, जो कि सच्ची घटनाओं से प्रेरित है। उसे 26 फरवरी को रिलीज किया जाएगा। महेश मांजरेकर द्वारा निर्देशित यह सीरीज दर्शकों को एक अनकही कहानी बयान करने के लिए नवंबर 1962 में वापस ले जाएगी।

अभय एक सेना प्रमुख की भूमिका में नजर आएंगे, जो एक बटालियन का नेतृत्व करते हैं।

अभय ने कहा, “हमारे जवानों और योद्धाओं को श्रद्धांजलि देने के लिए गणतंत्र दिवस से बेहतर और कोई अवसर नही हो सकता, जो हमारी 24 घंटे रक्षा करते हैं। श्रद्धांजलि के तौर पर, ‘1962 : द वॉर इन द हिल्स’ का फस्र्ट लुक जारी करते हुए मुझे खुशी हो रही है।”

ये सीरीज 26 फरवरी से डिज्नी प्लस हॉटस्टार वीआईपी पर उपलब्ध होगी।

news source आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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