ग्रीनलैंड को खरीदने की अमेरिका की चाह पर खुला राज,चीन को बताया इसकी बड़ी वजह

0
46

जयपुर।अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की दुनिया के सबसे बड़े और कीमती और बर्फीले द्विप को खरीदने की इच्छा धरा की धरी ही रह गई थी क्योंकि डेनमार्क ने इसको बेचने से इंकार कर दिया था। राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया की वो इस क्षेत्र में पाए जाने वाले प्राकृतिक संसाधन जिनमें कोयला,तांबा,जस्ता और लौह-अयस्क की वजह से इसे खरीदना चाह रहे थे

मगर डेनमार्क ने अपने शासित इस क्षेत्र को बेचने से ही मना कर दिया था जिसके बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने डेनमार्क को दौरा ही रद्द कर दिया था।

अमेरिका के राष्ट्रपति ने इस ग्रीनलैंड को खरीदने के बारे में वहां के प्राकृतिक संसाधनो के अलावा इसको खरीदने की एक दूसरी बड़ी वजह चीन को भी बताया है। क्योंकि चीन इस ग्रीनलैंड से लगते हुए इलाके में अपनी गतिविधियां बढ़ा रहा है।
अमेरिका इस ग्रीनलैंड को खरीदने के बाद चीन की हर गतिविधि पर अपनी नजर रख सकता था।

इससे अमेरिका को दो तरफा फायदा था लेकिन ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री के इसे बेचे जाने से इंकार कर दिए जाने के बाद अब अमेरिकी की सारे सपने ही धरे रह गए। दुनिया के सबसे बड़े द्वीप ग्रीनलैंड को बेचने से डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटी फ्रेडिकसेन के इंकार पर अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने अपनी डेनमार्क यात्रा ही रद कर दी थी।

राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप अगले माह सितंबर माह में ग्रीनलैंड को लेकर डेनमार्क की यात्रा पर जाने वाले थे।राष्ट्रपति ट्रंप की इस यात्रा के दौरान ही डेनमार्क के प्रधानमंत्री फ्रेडिक्सन के साथ ही डेनमार्क के स्वायत्त क्षेत्र ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री किम कील्सन से मुलाकात भी होने वाली थी। अमेरिका को ये क्षेत्र न बेचे जाने के डेनमार्क के इस फैसले पर वहां के नेताओं ने हैरानी जताई है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here