बच्ची की मौत का कारण स्पष्ट नहीं, जांच को भेजा गया बिसरा : बांदा सीएमओ

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उत्तर प्रदेश में बांदा के शंभू नगर मोहल्ले में कथित रूप से पल्स पोलियो की दवा पीने के बाद हुई नौ माह की बच्ची की मौत के मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने शुक्रवार को कहा कि तीन चिकित्सकों के पैनल द्वारा किए गए पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट में मौत कारण स्पष्ट नहीं हुआ है इसलिए जांच के लिए बच्ची का बिसरा हिमाचल की प्रयोगशाला भेजा गया है। सीएमओ डॉ. संतोष कुमार ने शुक्रवार को कहा, “बच्ची इशिता की मौत के मामले में बुधवार की रात किए गए पोस्टमॉर्टम में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। बच्ची के होंठ, नाखून और जीभ पर नीलापन पाया गया है जो ऑक्सीजन की कमी से भी संभव है।”

उन्होंने बताया, “मौत का कारण स्पष्ट न होने पर जांच के लिए बच्ची का बिसरा हिमाचल की कसौली प्रयोगशाला भेजा गया है साथ ही पिलाई गई पोलियो दवा का नमूना भी इसी प्रयोगशाला भेजा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का असली कारण पता चलेगा।”

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेशानुसार मामले की मजिस्ट्रेट जांच भी शुरू हो गई है।

वहीं, मृत बच्ची के दादा आनंद शुक्ला ने फिर कहा, “पोलियो दवा पीने से चंद मिनट पहले बच्ची हंस-खेल रही थी। दवा पिलाने आए स्वास्थ्य दल ने किट के बजाय खुले हाथ में लाई दवा पिला दी थी जिसके बाद बच्ची की हालत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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