बारिश होने से 7 दिन पहले ही टपकने लगती है इस मंदिर की छत

जयपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर मे एक अजीबोगरीब घटना सामने आई है। मंदिर की छत चिलचिलाती धूप में टपकने लगती हैऔर बारिश की शुरुआत होते ही जिसकी छत से पानी टपकना बंद हो जाती हे।

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जयपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर मे एक अजीबोगरीब घटना सामने आई है। मंदिर की छत चिलचिलाती धूप में टपकने लगती हैऔर बारिश की शुरुआत होते ही जिसकी छत से पानी टपकना बंद हो जाती हे। ये घटना है तो हैरान कर देने वाली लेकिन सच है। उत्तर प्रदेश की औद्योगिक नगरी कहे जाने वाले कानपुर जनपद के भीतरगांव विकासखंड से तीन किलोमीटर की दूरी पर बेहटा गांव स्थित है ।

यहीं पर है भगवान जगन्नाथ का अति प्राचीन मंदिर स्थित है जिसमें धूप में छत से पानी की बूंदों के टपकने और बारिश में छत के रिसाव के बंद होने का एक रहस्य छुपा हुआ है। यह घटनाक्रम किसी आम ईमारत या भवन में नहीं बल्कि भगवान जगन्नाथ के अति प्राचीन मंदिर में है।


ग्रामीण का कहना हैं कि बारिश होने के छह-सात दिन पहले मंदिर की छत से पानी की बूंदे टपकने लगती हैं। इतना ही नहीं जिस आकार की बूंदे टपकती हैं, उसी आधार पर बारिश होती है। अब तो लोग मंदिर की छत टपकने के संदेश को समझकर जमीनों को जोतने के लिए निकल पड़ते हैं। हैरानी में डालने वाली बात यह भी है कि जैसे ही बारिश शुरु होती है, छत अंदर से पूरी तरह सूख जाती है।
मंदिर की प्राचीनता व छत टपकने के रहस्य के बारे में, मंदिर के पुजारी बताते हैं कि पुरातत्व विशेषज्ञ एवं वैज्ञानिक कई दफा आए, लेकिन इसके रहस्य को नहीं जान पाए हैं। अभी तक बस इतना पता चल पाया है कि मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य 11वीं सदी में किया गया।

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