वेश्यांवृति करना मेरी मजबूरी, भाई और पिता लाते हैं ग्राहक, जानिए क्या है मामला

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जयपुर, हमारे देश में जहां महिलाओं के अधिकारों कि रक्षा के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रह है लेकिन फिर भी कई जगहों पर महिलाओं का स्तर बहुत गिरा हुआ है। आज आपको ऐसा मामला बताने जा रहे है जो एक वेश्या के जीवन के बारे में है। हालांकि अब यह महिला एक समाज सेविका है जो लगातार महिलाओं के जीवन स्तर को सुधारने का काम करती है रहती है तो आइए जानते है इस महिला के जीवन के बारे में…Image result for वेश्या चित्रलेखा

”मेरे माता-पिता ने मुझे वेश्‍यावृत्ति में डाला था” ये कहना है यूपी के हरदोई जिले के नटपुरवा गांव की चित्रलेखा का, इसने मीडिया को बताया कि यहां की आबादी करीब चार से पांच हजार के बीच है और यहां पर करीब 400 सालों से महिलाओं की बोली लगाई जाती है। समाज सेविका चित्रलेखा ने बताया कि उनकी बोली उनके मां बाप ही लगवाते है। इनका कहना है कि पहले यह इस काम को एक परंपरा मानती थी, लकिन जब से समझने लगी है यह इस काम को बंद कराने का प्रयास कर रही है। लेकिन अभी भी हालात बहुत बुरे है।Image result for वेश्या चित्रलेखा

चित्रलेखा का कहना है, ”गांव में शादी नहीं होती थी, लोग जानते ही नहीं थे कि शादी क्या होती है।” इस गांव में लड़कियों को जबरन देह व्यापार में धकेला जाता है। पिती व भाई दूसरे गांव जाकर अपनी बहुन बेटियों के लिए ग्राहक लेकर आते थे। और उनके सामने ही शरीर पर हाथ लगावकर देखते थे। इस महिला का कहना है कि गांव के लड़को में काफी बदलाव आया है लेकिन युवा भी इससे बचे हुए नहीं है।Image result for वेश्या चित्रलेखा

युवा लड़के एक दूसरे की बहन को बदलकर संबंध बनाते है। जब मीडिया कर्मियों ने गांव की लड़कियों से बात की तो उन्होंने कहा कि वह भी पढना चाहती है वह भी चाहती है कि उनके गांव का भी विकास हो।उन्हें भी इस नरक से आजादी मिले। इन लड़कियों ने कहा कि चित्रलेखा जी इस काम को बंद कराने का प्रयास कर रही है लेकिन उनकी जान को खतरा बना हआ है। गांव में जो प्राथमिक स्कूल है वह चित्रलेखा की ही देन है।

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