PM Modi ने कोहली से पूछा : आप भी यो-यो टेस्ट कराते हैं क्या?

0

फिटनेस और विराट कोहली का चोली-दामन का नाता है। कोहली देश के सबसे फिट खिलाड़ियों में से एक हैं। यही कारण है कि फिट इंडिया मूवमेंट की पहली वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोहली से पूछ ही लिया कि उनकी फिटनेस का राज क्या है और क्या वह भी अपना यो-यो टेस्ट कराते हैं? प्रधानमंत्री गुरुवार को भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए इस अभियान की पहली वर्षगांठ पर भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान कोहली से मुखातिब थे। इस दौरान दोनों के बीच रोचक संवाद हुआ। कोहली अभी संयुक्त अरब अमीरात में अईपीएल खेल रहे हैं और इस अभियान के एक साल होने पर वब खासतौर पर पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए प्रधानमंत्री से मुखातिब हुए।

इस संवाद के दौरान प्रधानमंत्री ने कोहली से यो-यो टेस्ट और थकान के बारे में सवाल पूछा, जिसका विराट कोहली ने अपने अंदाज में जवाब दिया। कोहली ने कहा कि आजकल लाइफ की डिमांड ज्यादा हो गई है। फिटनेस को नहीं इंप्रूव करेंगे तो खेल में पीछे छूट जाएंगे। खेल में सफलता के लिए सिर्फ स्किल ही नहीं शरीर और दिमाग कितना तंदरुस्त है, ये भी मायने रखता है।

प्रधानमंत्री ने कोहली से पूछा कि आपको कभी थकान नहीं लगती? जिस पर कोहली बोले, ईमानदारी से कहूं तो थकान हर किसी को होती है। अगर आप शारीरिक मेहनत करेंगे तो थकान लगेगी। लेकिन अगर आपका लाइफस्टाइल अच्छा है, अच्छा खा रहे हैं, नींद अच्छी है तो आपकी रिकवरी तेज होगी। अगर मैं थक रहा हूं और एक मिनट में दोबारा तैयार हो जाता हूं, यह मेरा प्लस प्वाइंट है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आजकल टीम के लिए यो-यो टेस्ट हो रहा है। क्या कैप्टन को भी ये टेस्ट कराना पड़ता है? इस पर भारत और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर टीम के कप्तान कोहली ने फिटनेस के लिहाज से यो-यो टेस्ट को बहुत जरूरी बताया।

कोहली ने कहा, ” इससे टीम का फिटनेस लेवल बढ़ता है। टेस्ट मैच में फिटनेस बहुत जरूरी है। टी-20 और वन डे की तुलना में टेस्ट मैच पांच दिन खेलना होता है। इसमें फिटनेस स्टैंडर्ड ज्यादा मायने रखता है। इसीलिए यो-यो टेस्ट में मैं भी भाग लेता हूं। अगर मैं भी फेल हो जाऊंगा तो सलेक्शन के लिए उपलब्ध नहीं रहूंगा। स्किल हमारे पास हमेशा से रही है, लेकिन फिटनेस भी जरूरी होता है। फिटनेस की वजह से अब हमारे रिजल्ट बेहतर आ रहे हैं।

विराट कोहली ने कहा, जिस पीढ़ी में हमने खेलना शुरू किया, चीजें बहुत तेजी से बदलीं। हमारे स्किल में प्राब्लम नहीं थी, लेकिन फिटनेस में प्रभाव पड़ रहा था। फिटनेस प्रायरिटी होनी चाहिए। प्रैक्टिस मिस हो जाए तो मुझे खराब नहीं लगता। लेकिन फिटनेस छूट जाए तो खराब लगता है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleIPL 2020: SRH ने चोटिल मिशेल मार्श के स्थान पर जेसन होल्डर का नाम लिया
Next articleFIT India :पीएम मोदी ने Virat Kohli से पूछा फिटनेस सीक्रेट, भारतीय कप्तान ने दिया ये जवाब
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here