मध्य प्रदेश में डकैतों का सरगना ‘ट्वीट’ करने वाला व्यक्ति : कांग्रेस

0
68

मध्य प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय सिंह ने एक विवादित बयान के जरिए कथित तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर हमला बोला है। अजय सिंह ने कहा कि राज्य में अपराधियों-डकैतों, सभी का सरगना वही व्यक्ति है जो ट्वीट कर रहा है।

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य में बढ़ती आपराधिक वारदातों पर चिंता जताते हुए ट्वीट के जरिए कहा, “मुझे याद है, जब मैं पहली बार मुख्यमंत्री बना था तब मैंने कहा था मध्य प्रदेश में या तो शिवराज रहेगा या तो फिर डाकू।”

शिवराज सिंह चौहान के इस ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए अजय सिंह ने बुधवार को कहा, “मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद उन्होंने (शिवराज) कहा था कि राज्य में फिर डाकू लोग आ गए हैं, उनके इस बयान के एक माह बाद चित्रकूट में अपहरण हुआ था, मुझे तो ऐसा लगता है कि इन सबका सरगना वही व्यक्ति है, जो इस तरह के ट्वीट कर रहा है।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleTotal Dhamaal: फिल्म का डायलॉग टीजर हुआ रिलीज, जबरदस्त कॉमेडी करते नजर आए अनिल-माधुरी
Next articleएक महीने से कम समय में होंडा की ये नई-नवेली बाइक हुई सोल्ड आउट, किया जा रहा है खूब पसंद
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here