हरियाणा का महल जो कभी हुआ करता था पहलवानी का अखाड़ा, अब बन गया है शानदार रेस्टोरेंट

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जयपुर। भारत में घूमने के लिए कई खूबसूरत जगहें है। भारत की खास बात यह है कि यहां सभी तरह की पयर्टकों के लिए घूमने के लिए जगहे हैं। ऐसे में आप इस जगह पर घूमने के लिए जा सकते हो। यहां पर नेचर लवर, बर्ड लवर, ऐतिहासिक जगहों, किलों और बीचज को देखने का शौक रखने वाले पर्यटकां के लिए एक से बढ़कर जगह है। ऐसे में आपको भारत में कई टूरिस्ट डेस्टिनेशन देखने को मिल जाएगी। आज हम आपको ऐसी ही जगहों के बारे में बताने जा रहे है जो एक समय में पहलवानी का अखाड़ा हुआ करता था। जिसे देखने के लिए लोगों की भीड़ लगी रहती थी। पर आज के समय में यह जगह रेस्टोरेंट के रूप में बदल गया है। आइए जाने इस जगह के बारे में ओर भी करीब से…..

आज हम आपको हरियाणा की इस जगह के बारे में बताने जा रहें है जो एक समय पर पहलवानी का अखाड़ा हुआ करता था। यह पहले एक आलीशान महल हुआ करता था। जिसका निर्माण बल्लभगढ़ के राजा ने करावाया था।

इस महल के निर्माण में पूरे 110 साल लगे। इसके पीछे की वजह यह है कि इस महल को खूबसूरत बनाने के लिए कई तरह बार इस महल की कई बार तोड़-फोड़ की गई है।

आज के समय में नाहर सिंह के महल में ड्रम और तुरहियों की आवाजें अभी सुनाई देती है। जिससे दीवारे कांप उठती है। आपको बता दें कि यह महल 1857 की क्रांति का गवाह बन चुका है। जिसने कई संघर्ष की लडाई लड चुका है। आजादी से पहले इस जगह पर कचहरी लगाई जाती थी। यहां कचहरी 1994 में हुआ करती थी। जिसके बाद इस जगह को सरकार को सौंप दिया गया है।

यहां पर 1995 से सरकार द्धारा कार्तिक मेला लगाया जाता है। यह मेला 4 साल तक लगाया जिसे बाद में किन्ही कारणों से बंद कर दिया गया। पर आज के समय में यहां एक शानदार रेस्टोरेंट बन चुका है। जिससे जलेबी व कलाकंद प्रसिद्ध है।

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