मस्तिष्क के स्मृति क्षेत्र का संबंध चिंता, अवसाद से होता हैं !

0
170

दिमाग का एक हिस्सा जो सामान्यत: याद्दाश्त और मतिभ्रम से जुड़ा होता है, उसी हिस्से का संबंध लत, चिंता और अवसाद से हो सकता है। एक अध्ययन से यह जानकारी मिली है। दिमाग के इस हिस्से को हिप्पोकैंपस नाम से जाना जाता है। यह दरियाई घोड़े के आकार जैसी संरचना होती है, जो दिमाग की गहराई में स्थित होता है।

लिंबिक प्रणाली के हिस्से के रूप में यह याद्दाश्त संजोने और स्थानिक अनुभूति पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिसमें स्तनधारियों का उनके वातावरण को समझना और जगह की पहचान कर वहां पहुंचने की क्षमता भी शामिल है।

हिप्पोकैंपस को लंबे सयम से याद्दाश्त और मतिभ्रम में उसकी भूमिका के लिए जाना जाता है, खासतौर से अल्जाइमर्स रोग से इसका गहरा संबंध है। अल्जाइमर्स रोग से पीड़ित मरीजों के दिमाग का हिप्पोकैंपस पहला हिस्सा होता है, जिसे नुकसान पहुंचता है।

यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो-स्कार्बोरो के एसोसिएट प्रोफेसर रुतसुको इटो ने बताया, “यह दिखाता है कि हमें फिर से सोचने की आवश्यकता है कि हिप्पोकैंपस किस तरह से सूचनाओं को प्रसंस्करित करता है।”

यह अध्ययन करंट बायलॉजी जर्नल में प्रकाशित किया गया है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleशादी में पाना हो परफेक्ट लुक तो पहनें इन हेयर एक्सेसरीज
Next articleसनी लियोनी ने अपनी बेटी निशा कौर के लिए शेयर किया ये भावुक पोस्ट
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here