तारे का जीवन का सबसे लम्बा समय इस में उम्र होता है, जानियें

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जयपुर। जिस तरह से जीवों का जीवन काल होता है उसी तरह से ग्रहों और तारों का भी जीवन काल होता है। इनका भी जन्म, जवानी, मौत होती है। जी हां एक तारे जैसे जन्म भी लेता है वैसे है इसकी मौत भी होती है। आपको बता है तारा मुख्य क्रम, लाल दानव और वामन यह इसकी जिंदगी के पड़ाव होते है। आपको बता दे कि तारा अपने जीवन का 90% समय अपने केन्द्र पर उच्च तापमान तथा उच्च दबाव पर हायड्रोजन के संलयन से हिलीयम बनाने में व्यतीत करता है।

स्थिति को तारों की मुख्य क्रम का तारा कहा जाता है। इस क्रम तारों के केन्द्र में हिलीयम की मात्रा धीरे धीरे बढ़ती है जिसके तारे का तापमान और चमक बढ़ जाती है। आपको इस बात की खबर देदे कि हर तारा कणों की एक खगोलीय वायु प्रवाहित करता है जिससे कारण से अंतरिक्ष में गैस की एक धारा बहती रहती है। अधिकतर तारों के लिये द्र्व्यमान का यह क्षय नगण्य माना जाता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि सूर्य हर वर्ष अपने द्र्व्यमान का 1/1000000000000000 हिस्सा इस खगोलीय वायु के रूप मे प्रवाहित कर देता है।

लेकिन कुछ तारे होते हैं जो  1/100000000 से 1/0000000  सौर द्र्व्यमान प्रवाहित कर देते है। सूर्य से 50 गुना बड़े तारे अपने द्र्व्यमान का आधा हिस्सा खगोलीय वायु के रूप में प्रवाहित कर देते है। तारों का मुख्य क्रम की स्थित में रहना तारे के कुल इंधन और इंधन की खपत की दर पर निर्भर करता है। बता दे कि विशाल तारे अपना इंधन ज्यादा तेजी से खत्म करते है और कम जीवन काल के होते है।

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