बैठे रहने की जीवनशैली से कमर दर्द बनी आम समस्या, जानिए इसके बारे में !

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आपको बता दें कि इन दिनों ज्यादातर बैठे रहने की जीवनशैली, बैठने-उठने के गलत तरीके और व्यायाम न करने के कारण कमर दर्द एक आम समस्या बन गई है। यह समस्या अब न केवल उम्र से जुड़ी है बल्कि इससे लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी भी तकलीफदेह साबित हो रही है। इंडस हेल्थ प्लस की प्रीवेंटिव हेल्थकेयर स्पेशलिस्ट कंचन नायकवाड़ी का कहना है हालांकि, कमर का दर्द कष्टकारी और असहज करने वाला हो सकता है, लेकिन आमतौर पर यह गंभीर नहीं होता है। कमर का दर्द इस बात पर निर्भर करता है कि हमारी पीठ की हड्डियां, मांसपेशियां और लिगामेंट्स किस तरह काम करते हैं और किस तरह एक-दूसरे से जुड़े होते हैं।

कंचन के मुताबिक, वयस्कों में कमर दर्द हर दिन की गतिविधियों या बैठने-उठने के गलत तरीकों के परिणामस्वरूप हो सकता है जैसे, कंप्यूटर के इस्तेमाल करने के दौरान सही तरीके से नहीं बैठना, अजीबोगरीब तरीके से मुड़ना, किसी सामान को धक्का देना या खींचना या उठाना और लंबे समय तक खड़े रहना आदि।

कंचन ने कहा, “चूंकि, किशोरों और कम उम्र के लोगों की शारीरिक बनावट लचीली होती है, उनमें वयस्कों की तरह कमर दर्द की समस्या आम नहीं होती है। बच्चों के मामले में, भारी बैग उठाने, सही तरीके से नहीं सोने, खेल-कूद के दौरान लगने वाली चोट, आदि उनकी कमर दर्द के कारण हो सकते हैं।”

हेल्थकेयर स्पेशलिस्ट कंचन ने कमरदर्द के जोखिमों को गिनाते हुए कहा कि मानसिक तनाव देने वाले काम, अवसाद या बेचैनी, गर्भावस्था (गर्भवती महिलाओं को कमर दर्द होने की आशंका ज्यादा होती है), लंबे समय तक बैठे रहने की जीवनशैली- धूम्रपान, शराब का सेवन और सोने-जगने का अनियमित समय, उम्र और लिंग, मोटापा, अत्यधिक शारीरिक श्रम का काम करना (यदि सही तरीके से न किया गया हो) के कारण कमरदर्द हो सकता है।

कंचन ने कहा कि शारीरिक व्यायाम, शरीर का सही पॉश्चर, स्वस्थ आहार, सोने का सही तरीका, मानसिक तनाव को कम करना, धू्म्रपान न करना और जीवनशैली में थोड़े-बहुत बदलाव लाकर कमर दर्द के खतरे को कम कर सकते हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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