घायल आतंकवादी पकड़ा गया, अनंतनाग में एक और का शव मिला

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जम्मू और कश्मीर के अनंतनाग जिले में सुरक्षा बलों को एक आतंकी का शव मिला है और दूसरे को घायल अवस्था में पकड़ लिया है। पुलिस ने गुरुवार को इसकी सूचना दी।

पुलिस ने कहा कि बिजबेहरा इलाके के सिर्हामा गांव से बुधवार की शाम को आदिल अहमद का शव बरामद किया गया और दूसरे आतंकी आरिफ भट को सुरक्षा बल ने धर दबोचा है।

सुरक्षा बलों द्वारा किसी भी ऑपरेशन में किसी आतंकी के मारे जाने या घायल होने के बारे में कुछ भी नहीं कहा गया है।

पुलिस सूत्रों ने हालांकि यह कहा है कि बाद में आदिल अहमद के संगठन में शामिल होने को लेकर लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी)और अंसर गजावत-उल-हिंद के बीच एक विवाद चल रहा था।

सूत्रों ने कहा, “खबरें इस बात की ओर इशारा करती हैं कि एलईटी चाहता था कि वह उन हथियारों को लौटा दे जिन्हें संगठन द्वारा उसे दिया गया था। गोली लगने से हुई उसकी मौत और भट को चोट लगना इन गिरोहों के प्रतिद्वंदिता का परिणाम है।”

घटना के विस्तृत जानकारी के बारे में आधिकारिक बयान के आने का अभी इंतजार है हालांकि सुरक्षा बलों द्वारा किसी भी ऑपरेशन में आदिल की हत्या और आरिफ के चोट लगने की बात से फिलहाल इंकार किया गया है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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