जिन बच्चों के हाथ में कलम होनी चाहिए, उन्हें बंदूक थमा दी गई : मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां शुक्रवार को नक्सलियों को निशाने पर लेते हुए कहा कि यहां जिन बच्चों के हाथ में कलम होनी चाहिए, उनके हाथ में बंदूक थमा दी गई। शहरी नक्सली शहरों में एयर कंडीशन घरों में रहते हैं, इनके बच्चे विदेशों में पढ़ते हैं, अच्छी-अच्छी गाड़ियों में घूमते हैं और वहां बैठे-बैठे वे आदिवासी बच्चों की जिंदगी खराब करते हैं। छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जगदलपुर में हुई जनसभा में उन्होंने कहा कि बस्तर को बचाना है, बदलना है और बस्तर के नौजवानों का भविष्य बदलना है।

मोदी ने कहा, “दूरदर्शन के हमारे कैमरामैन अच्युतानंद साहू लोकतंत्र को कैमरे में कैद करने यहां पहुंचे थे। वो बंदूक नहीं, अपने कंधे पर कैमरा लेकर आए थे। माओवादियों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी। ऐसे नक्सलियों को क्रांतिकारी कहने वाले देश को गुमराह कर रहे हैं। यह उनकी प्रकृति बन गई है। ऐसी कांग्रेस पार्टी का कोई भविष्य नहीं है।”

प्रधानमंत्री ने 12 नवंबर को बड़ी संख्या में बूथों पर पहुंचकर मतदान करने की अपील की और कहा कि लोकतंत्र ही सभी समस्याओं का समाधान कर सकता है। बंदूक के रास्ते समस्याओं का समाधान नहीं होता।

उन्होंने कहा, “बस्तर को मजबूत, समृद्ध बनाना है, बेरोजगारी व भुखमरी मिटानी है। इसके लिए आपने हमें चुना है तो यह हमारा दायित्व है। आजादी के इतने साल बाद पहले भी चुनाव होते थे, नेता आते थे, सरकारें बनती थीं, लेकिन उनकी सोच मेरा-तेरा, मेरा रिश्तेदार-मेरा परिवार के आस-पास रहती थी। आज भी इन दलों के नेता और उनका कार्यकलाप ऐसा ही है। ऐसा इसलिए कि उनका कुनबा बना रहे, उनकी दुनिया चलती रहे।”

मोदी ने कहा, “हमने आकर स्थिति को बदला है। अपना-पराया नहीं, भेदभाव नहीं। दलित, पीड़ित, आदिवासियों में हमने भेदभाव नहीं किया। इन भेदभाव की दीवारों को खत्म कर हम सबका साथ, सबका विकास का मंत्र लेकर चले हैं।”

उन्होंने कहा, “सरकार पहले भी होती थी, लेकिन इतने सारे काम नहीं होते थे। पैसे और योजना पहले भी थी, लेकिन यह बिचौलियों के हाथ लग जाती थी। अब आपके हक का आपको मिल रहा है।”

प्रधानमंत्री ने सभा में मौजूद जनता से बस्तर की सभी सीटों पर ‘कमल’ खिलाने की अपील की और यह कहकर चेताया कि अगर कोई दूसरा आ गया, बस्तर के किसी कोने में आ गया तो बस्तर के सपनों में दाग लग जाएंगे।

मोदी ने कहा, “मुझे आपकी सेवा करनी है। अटलजी के सपनों को पूरा करना है। मैं जब तक अटलजी के सपने पूरे नहीं करूंगा, तब तक चैन से बैठने वाला नहीं हूं। जब छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश एक थे, कांग्रेस की सरकार थी तो छत्तीसगढ़ के लोगों को भुखमरी का सामना करना पड़ता था। केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ की जरूरतों को पूरा करने में लगी है।”

उन्होंने आगे कहा, “छत्तीसगढ़ की जनता समझदार थी, जिसने कांग्रेस की सरकार बदल दी। जनता का जनादेश हमारे लिए सर्वोपरि है। कांग्रेस दलित, पीड़ित, शोषित को अपना खजाना मानती है, वोट बैंक के रूप में देखती है, इंसान के रूप में नहीं। इतने साल सरकार में रहने के बाद भी आखिर इनके लिए अलग मंत्रालय क्यों नहीं बनाया? अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने देश में आदिवासियों के विकास के लिए अलग मंत्रालय की स्थापना की थी।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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