खेल से कुछ समय दूर रहने का फायदा मिला है : हार्दिक पांडया

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भारतीय क्रिकेट टीम के हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पांड्या का मानना है कि (निलंबन के कारण) क्रिकेट से दूर रहने का फायदा अब उन्हें मिल रहा है।

पिछले साल एक टीवी चैट शो ‘कॉफी विद करण’ पर महिलाओं के खिलाफ टिप्पणी के कारण हार्दिक और लोकेश राहुल को बीसीसीआई ने निलंबित कर दिया था।

हार्दिक ने उसके बाद से शानदार वापसी की है और अब वह आईपीएल के मौजूदा सीजन में बल्ले से शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।

हार्दिक ने सोमवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर के खिलाफ 16 गेंदों पर 37 रन की ताबड़तोड़ पारी खेलकर मुंबई इंडियंस को पांच विकेट से जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

मैच के बाद जब उनसे पूछा गया कि निलंबन के दौरान उन्होंने क्या सीखा, उन्होंने कहा, “कुछ नहीं। यह ठीक था। हर किसी को कोई झटका लगता है और मुझे सुधार करना था।”

हार्दिक ने कहा, “मुझे इससे अपने शरीर पर काम करने का मौका मिला। इससे काफी मदद मिली और अब सब कुछ ठीक लग रहा है।”

मुंबई इंडियंस के लिए फिनिशर की भूमिका निभाने पर हार्दिक ने कहा, “मैं चार साल से ऐसा करता आ रहा हूं। टीम में मेरी यही भूमिका है। नेट पर भी मैं इसी चीज का अभ्यास करता हूं। ये सब हालात पर निर्भर करता है।”

हार्दिक को 30 मई से इंग्लैंड एंड वेल्स में शुरू होने जा रहे विश्व कप के लिए 15 सदस्यीय टीम में शामिल किया गया है।

उन्होंने कहा, “आपको आत्मविश्वास रखना होगा क्योंकि विश्व कप एक बड़ा टूर्नामेंट है। पहली बार विश्व कप खेलूंगा और मुझे लय कायम रखनी होगी। मैं खेल से कुछ समय बाहर था तो वापस आकर लय हासिल करना जरूरी था।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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