भारतीय संगीत का भविष्य उज्जवल : ‘उरी’ के संगीतकार

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संगीतकार शाश्वत सचदेव का कहना है कि भारत में बहुत ही समृद्ध और उन्नत संगीत उद्योग है। शाश्वत हॉलीवुड में थोड़े समय काम करने के बाद कुछ साल पहले ही देश के संगीत उद्योग में लौटे हैं। करीब 20 वर्षो तक भारतीय क्लासिकल संगीत सीखने के बाद बाद सचदेव 2011 में लॉस एंजलिस चले गए थे और उन्होंने टोनी मासेराति, मार्क शाइमैन और कैथरीन मैकफी जैसे अंतर्राष्ट्रीय कलाकारों के साथ काम करना शुरू कर दिया था।

संगीतकार ने आईएएनएस से एक ई-मेल साक्षात्कार में भारतीय संगीत के लिए अपने प्रेम और किस चीज ने उन्हें हॉलीवुड से बॉलीवुड आने के लिए मजबूर किया, इसके बारे में बात की।

उन्होंने कहा, “मैंने एक कारण से भारत वापस आने और काम करने का फैसला किया। मुझे लगता है कि भारत में बहुत ही समृद्ध और उन्नत संगीत उद्योग है। भारतीय संगीत और संगीत उद्योग में कुछ चीजें हैं, जो वास्तव में मुझे बहुत पसंद हैं। भारत में संगीत और फिल्में एक दूसरे से लिपटी हुई हैं, जो मेरे लिए बहुत दिलचस्प है।”

सचदेव ने कहा, “इस तरह के कुशल और रचनात्मक शीर्ष स्तरीय तकनीकी समर्थन के साथ हमारे लेखक ऐसी दिलचस्प कहानियां लिख रहे हैं, जिसे देखकर मुझे लगता है कि भारतीय संगीत का भविष्य उज्जवल है।”

सचदेव ने 2017 में अनुष्का शर्मा अभिनीत फिल्म ‘फिल्लौरी’ में बतौर संगीतकार बॉलीवुड संगीत उद्योग में कदम रखा था। दर्शकों ने फिल्म के गानों के लिए उनकी तारीफ की थी।

‘फिल्लौरी’ के बाद उन्होंने ‘वीरे दी वेडिंग’ और अब ‘उरी : द सर्जिकल स्ट्राइक’ के लिए संगीत तैयार किया है।

‘उरी’ के लिए गाने बनाने का अपना अनुभव साझा करते हुए सचदेव ने कहा कि लीक से हटकर सोचना और नियमों को तोड़कर कुछ ऐसा बनाना, जिसे लोग आसानी से स्वीकार कर लें, बहुत ही चुनौतीपूर्ण था।

उन्होंने कहा, “एक कलाकार के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण चीज होती है लीक से हटकर कुछ करना, कुछ नया, जिससे उसके काम पर लोगों का ध्यान जाए। प्रयोग करना और लीक से हटकर काम करना बहुत ही आसान है लेकिन नियमों को तोड़कर कुछ ऐसा बनाना, जिसे लोग आसानी से स्वीकार करें, बहुत ही मुश्किल है। फिल्म का सोनिक स्केप बहुत ही अलग है।”

विक्की कौशल और यामी गौतम अभिनीत फिल्म ‘उरी’ में उन्होंने ‘बह चला’ और ‘जिगरा’ जैसे गाने तैयार किए हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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