भारत में शूटिंग करने का अनुभव डरावना था : क्रिस हेम्सवर्थ

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हॉलीवुड अभिनेता क्रिस हेम्सवर्थ, जिन्होंने अपनी बेटी का नाम इंडिया रखने के साथ ही अपने दिल में भी इस देश को खास स्थान दे रखा है। उनका कहना है कि भारत में शूटिंग करने का उनका अनुभव, “डरावना लेकिन मजेदार रहा।” उन्होंने बताया कि शूटिंग करने के दौरान उन्हें रॉकस्टार जैसी अनुभूति हुई।

हेम्सवर्थ बीते साल अपनी नेटफ्लिक्स परियोजना ‘ढाका’ की शूटिंग के लिए भारत आए थे। इस परियोजना की शूटिंग अहमदाबाद और मुंबई में की गई थी।

हेम्सवर्थ ने आईएएनएस से साक्षात्कार के दौरान इस बात का भी खुलासा किया कि उन्होंने अपनी बेटी का नाम इंडिया क्यों रखा।

यहां सोनी पिक्चर्स की परियोजना ‘मेन इन ब्लैक : इंटरनेशनल’ के प्रमोशन के दौरान सामूहिक साक्षात्कार में हेम्सवर्थ ने बताया, “मेरी पत्नी (एल्सा पातकी) ने भारत में काफी वक्त गुजारा है और इंडिया नाम रखने की मुख्य वजह यही थी।”

बेटी इंडिया रोज के अलावा हेम्सवर्थ और पातकी के जुड़वा बेटे साशा और ट्रिस्टन भी हैं।

इस देश के प्रति अपने लगाव के बारे में ‘थॉर’ ने बताया, “मुझे यहां के लोग और ये जगह काफी पसंद आई। हर दिन शूटिंग के दौरान हजारों लोग रास्ते पर खड़े रहते थे, सेट पर मुझे ऐसा अनुभव पहले कभी नहीं हुआ था। बहुत सारे लोगों की उपस्थिति की वजह से यह अनुभव डराने वाला और रोमांचक भी था।”

अभिनेता ने आगे कहा, “निर्देशक के हर कट के बाद स्टेडियम में प्रशंसक जोर से जयकारे लगाते थे, जिससे हमें रॉकस्टार वाली अनुभूति होती थी। जिस गर्मजोशी से हमें सर्मथन मिलता था, वह वाकई काफी अच्छा था। लोग बहुत सकारात्मक थे।”

वहीं भारतीय सिनेमा में काम करने के बारे में पूछे जाने पर हेम्सवर्थ ने कहा, “मेरी इस बारे में कुछ बात चल रही थी, तो हो सकता है शायद..। ”

वहीं ‘मेन इन ब्लैक’ की अगली फ्रेंचाइजी ‘मेन इन ब्लैक : इंटरनेशनल’ में काम करने को लेकर वह काफी उत्साहित हैं। सोनी पिक्चर्स भारत में यह फिल्म 14 जून को हिंदी, अंग्रेजी, तमिल और तेलुगू में रिलीज करेगी।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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