इस कण की ऊर्जा हाइड्रोजन बम से आठ गुना अधिक है, जानिये कैसे

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जयपुर। हम इस  बात को अच्छे से जानते है कि परमाणु के नाभिक में कई अणुओं को एक साथ बांधे रखने में एक ऊर्जा का सबसे बड़ा हाथ होता है। असीमित ऊर्जा नाभिक के अणुओं को आपस में तोड़ने या जोड़ने से उत्सर्जित होती है। इस परमाणु ऊर्जा का उपयोग  कई तरह के कामों में किया जाता है। वैसे बता दे कि इससे कई घातक परमाणु हथियार भी बनाये जाते हैं। आपको बता दे कि अणु के अंदर न्यूट्रोंस और प्रोटोंस होते हैं, लेकिन शायद आपको इसकी बिल्कुल भी जानकारी नहीं होगी कुछ कण इनसे भी छोटे होते हैं,

जिन्हें क्वार्क कहा जाता है। एक शोध से ज्ञात हुआ है कि ये कण संलयन प्रक्रिया के द्वारा असीम ऊर्जा का उत्पादन करने में सक्षम होते हैं। जानकारी दे दे कि इजराईल की तेल अवीव यूनिवर्सिटी के भौतिकशास्त्री मारेक कार्लिनर एवं शिकागो यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जोनाथन एल रोसनर ने इन कणों की खोज की है। इन्होंने जानकारी दी है कि  इन क्वार्क कणों से होने वाली नाभिकीय संलयन अभिक्रिया हाइड्रोजन बम से आठ गुना ज्यादा विस्फोटक हो सकती है इसको कोई गलत फायदा ना उठा ले इसलिए इस प्रयोग को गुप्त रखा गया था।

वैज्ञानिकों ने इसके बारे में बताया कि ये बॉटम क्वार्क कण सैद्दांतिक रूप में फ्यूज किये जा सकते हैं। जिसके कारण एक भयावह विस्फोट होता है जिससे बड़े-बड़े न्यूक्लियर पार्टिकल बनेंगे। आपको बता दे कि क्वार्क 6 प्रकार के होते हैं- अप, डाउन, टॉप, बॉटम, स्ट्रेंज और चार्म। दो बॉटम क्वार्क को फ्यूज करने पर 138 मेगाइलेक्ट्रानवोल्ट ऊर्जा पैदा होती जो कि हाइड्रोजन बम में दो कणों के फ्यूजन से पैदा होने वाली ऊर्जा से आठ गुना ज्यादा है तो इससे आप अंदाजा लगा  सकते है कि ये कितना पावरफुल है।

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