तितली की तबाही – जानिए कैसे रखा जाता है तूफान का नाम, कौन करता है नाम का चयन, शायद नहीं जानते आप

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जयपुर, भारत के ओडिशा तटीय क्षत्रों मे चक्रवाती तूफान “तितली” ने तबाही मचा रहा है। अपने कहर से तबाही मचा देने वाला तुफान देश मे पहली बार नहीं आया है। इससे पहले भी कई सारे तुफान आ चुके है जैसे हुदहुद, फैलिन एवं कोरिंगा आदी। बता दें कि साल 1839 अब तक का सबसे खतरनाक तूफान “कोरिंगा” आया था जिसने देश में भारी तबाही मचाई थी। बताया जाता है है कि इस तूफान में करीब तीन लाख लोगों की मौत हो गई थी।

फिलहाल देश तूफान तितली की तबाही से जूझ रहा है। देश के ओडिशा, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड सहित 13 राज्य इस खतरनाक तूफान की चपेट में हैं। लेकिन दोस्तों क्या आपको पता है तूफान का नाम कौन तय करता है। इतना खतरनाक तूफान है लेकिन इसका नाम तितली क्यों रखा गया है। बता दें कि तूफान को नाम देने की व्यवस्था साल 2000 मे शुरू हुई थी।

इस व्यवस्थआ मे हिंद महासागर के इलाके मे आने वाले आठ देश आते थे। इन देशों ने मिलकर कुल 64 नामों की सूची बनाई थी। जिसमे प्रत्येक देश से 8 नाम लिए गए थे। जिन्हें अल्फाबेट के हिसाब से तय किया गया था। जिसमें तितली 54 वां नंबर का तूफान है। इस व्यवस्था के बाद अभी 10 तूफानों के नाम और शेष है। बता दें कि इस बार जो नाम है वह पाकिस्तान की और से दिया गया था।Image result for तितली तूफान

इसलिए इस तूफान का नाम तितली रखा गया है। साथ ही बता दें कि अगर कोई तूफान अटलांटिक महासागर से आता है तो उसे हरिकेन कहा जाता है। जबकि प्रशांत महासागर से आने वाले को टाइफून कहते है। वहीं अगर हिंद महासागर से तूफान आता है तो उसे साइक्लोंन कहा जाता है। हालांकि समय के हिसाब से इन तूफानों के नाम बदल दिए जाते है जिससे लोगों में भय का माहौल नहीं रहे।

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