सबसे दूरस्थ आकाशगंगा के पिंड वर्तमान आकाशगंगा का दिखा सकते है भविष्य

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जयपुर। वर्तमान में सबको इस बात की गलतफ़ेमी हो गई है कि ब्रह्मांड विस्तार कर रहा है और सारे ग्रह एक दूसरे से दूर जा रहे है। लेकिन यह सच नहीं है आपको बता दे कि ब्रह्मांड के काल-अंतरिक्ष का विस्तार हो रहा है जो पदार्थ के मध्य दूरी बड़ाने का काम कर रहा है। लेकिन देखा जाये तो वास्तविकता मे पदार्थ काल-अंतरिक्ष मे गति नही कर रहा है। यह बात बहुत रोचक है लेकिन दुर्भाग्य से इसका ब्रह्मांड के भविष्य पर प्रभाव निराशाजनक हो सकता है।

यदि हम यह मान कर चलते है कि यह विस्तार भविष्य तक चलता रहेगा और इसके साथ यही मान लेते है कि इस विस्तार गति मे कभी भी कमी नही आयेगी तो दृश्य ब्रह्मांड का क्षितिज सिकुड़ते जायेगा और एक समय ऐसा आयेगा कि ब्रह्मांड के पिंड एक दूसरे से इतनी दूरी पर हो जायेंगे कि उनका प्रकाश एक दूसरी आकाशगंगा तक भी नही पहुंच पायेगा। आज हम जो अंतरिक्ष मे जो कुछ देखते है किसी समय पहले ये एक दूसरे के समीप था।

अंतरिक्ष के विस्तार के कारण से यह पिंड एक दूसरे से दूर होते गये और आज हमसे ये बहुत ही दूर है।  इनमे से कुछ पिंड इतनी दूर चले गये अब उनको हम कभी भी नही दिख पायेंगे। लेकिन एक तथ्य यह है कि सबसे दूर की आकाशगंगाये ब्रह्मांड मे सबसे अधिक आयु के पिंड माने जाते है जिनका जन्म बिगबैंग के कुछ लाख वर्ष पश्चात ही हुआ होगा। लेकिन जिस तरह से हम ग्रहों के जीवन मृत्यु को देखते है तो अब तक इनमे से अधिकतर का अस्तित्व नही बचा होगा या वे ब्रह्मांड के किसी और चीज़ के भाग मे होंगे।

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