29 जनवरी से शुरू होगा संसद का बजट सत्र, 1 फरवरी को पेश होगा general budget

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संसद का बजट सत्र 29 जनवरी से शुरू होगा। सत्र के दौरान एक फरवरी को संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण केंद्रीय बजट पेश करेंगी। सत्र दो भागों में आयोजित किया जाएगा। सत्र का पहला भाग 29 जनवरी से 15 फरवरी और दूसरा भाग आठ मार्च से आठ अप्रैल तक आयोजित होगा।

17वीं लोकसभा के पांचवें सत्र में 35 सिटिंग्स होंगी, जो कि पहले भाग में 11 और दूसरे भाग में 24 निर्धारित की गई हैं।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 29 जनवरी को सुबह 11 बजे संसद के दोनों सदनों राज्यसभा और लोकसभा को संबोधित करेंगे।

सीतारमण एक फरवरी को सुबह 11 बजे केंद्रीय बजट पेश करेंगी।

संसद की स्थायी समिति को विभिन्न मंत्रालयों/विभागोंकी अनुदान की मांगों पर विचार करना सुगम बनाने के लिए 15 फरवरी को सत्र का पहला चरण स्थगित कर दिया जाएगा और आठ मार्च से दूसरे चरण की बैठक शुरू होगी।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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