राजनीति का किस्सागो, आफ रिकार्ड ब्रीफ़िंग करने वाला बीजेपी का आलराउंडर राजनेता चला गया

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जयपुर।  भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली का निधन शनिवार को दिल्ली के एम्स अस्पताल में हो गया उनके निधन के बाद से पार्टी में शोक की लहर है और पार्टी में एक समिति तीन मूर्ति कहे जाने वाले सुषमा आनंद और अरुण जेटली तीनों ही नेताओं का निधन हो चुका है.

अरुण जेटली के लिए अक्सर यह कहा जाता था कि वह एक सही नेता जो गलत पार्टी में है हालांकि इस बात का अरुण जेटली हमेशा से विरोध करते रहे अरुण जेटली कभी भी भारतीय जनता पार्टी में उस तरीके से घुल ना सके जिस तरीके से अन्य नेता खुल सके थे इसके अलावा वे कभी भी आर एस एस के इनसाइडर नेता भी भारतीय जनता पार्टी में नहीं बन सके.

शायद यही कारण था कि वह कभी इतने बड़े नेता होने के बावजूद भी भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं बने, इसके अलावा अरुण जेटली को पार्टी में हमेशा से एक इलिट के रूप में देखा जाता रहा था.

पत्रकार अब उन्हें याद करते हुए बताते हैं कि अरुण जेटली एक ऐसे नेता थे जो अक्सर लोकसभा या राज्यसभा के सदस्यों के बाद ऑफ द रिकॉर्ड पत्रकारों से बातचीत करते थे और पत्रकारों के बीच में उसे दरबार कहा जाता था और बताया जाता है कि पत्रकारों के बीच में हमेशा इस बात पर चर्चा होती थी कि अरुण जेटली अपने दरबार में किस बात को लेकर बातचीत करेंगे.

बताया जाता है कि अरुण जेटली भारतीय जनता पार्टी के वह नेता थे जो सिर्फ राजनीति ही नहीं बल्कि क्रिकेट फैशन और अन्य कई मुद्दों पर अपनी राय देते थे और कई रोचक किस्से को पत्रकारों के साथ सांझा करते थे. इतना ही नहीं पत्रकारों ने याद करते हुए बताते हैं कि वह एक ऐसे नेता थे. जिन्हें कोई भी उनकी आलोचना कर दे तो मैं उसे बड़ी सहजता से सुन लेते थे और ऐसे समय में जहां नेता अपनी आलोचना को नहीं सुन पाते ऐसे समय में भी जेटली पत्रकारों की आलोचना को सहज रूप से लेते थे.

अरुण जेटली का निधन सिर्फ भारतीय जनता पार्टी के ही लिए ही नहीं बल्कि भारतीय राजनीति के लिए भी एक बड़ा नुकसान है.

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