Hyderabad का नाम बदलने के लिए अखाड़ा परिषद ने दिया समर्थन

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संतों के शीर्ष निकाय अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (एबीएपी) ने हैदराबाद का नाम परिवर्तन करने के सुझाव का समर्थन किया है। एबीएपी के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने अपनी हालिया हैदराबाद यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दिए गए सुझाव का समर्थन किया है और कहा है कि यह संभव है कि नया नाम शहर के ‘भाग्य’ को भी बदल दे।

योगी आदित्यनाथ ने पिछले सप्ताह हैदराबाद में नगरपालिका चुनावों के लिए प्रचार करते हुए कहा था कि तेलंगाना की राजधानी का नाम बदलकर भाग्यनगर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उप्र में हमने भाजपा के सत्ता में आने के बाद इलाहाबाद का नाम प्रयागराज और फैजाबाद का नाम अयोध्या रखा।

महंत नरेंद्र गिरि ने मंगलवार को कहा, “एबीएपी ने इस मुद्दे पर योगी आदित्यनाथ को अपना समर्थन दिया है। मुगलों ने सदियों तक देश पर शासन किया और कई पुराने और पारंपरिक शहरों के नाम बदल दिए। इलाहाबाद और फैजाबाद का नाम पहले ही बदल दिया गया है, हैदराबाद का नाम भी बदला जाना चाहिए। मुझे लगता है कि ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी सहित किसी को भी हैदराबाद के नाम को भाग्यनगर में बदलने पर कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा, “हो सकता है कि हैदराबाद का नाम बदलकर भाग्यनगर करने से हैदराबाद का भाग्य भी बदल जाए। हैदराबाद के लोगों को भी नाम में बदलाव का समर्थन करना चाहिए।”

बता दें कि हाल ही में एबीएपी ने गैरकानूनी धार्मिक रूपांतरण के खिलाफ एक सख्त कानून लाने के लिए आदित्यनाथ सरकार की प्रशंसा की थी। लंबे समय से एबीएपी राजनीति से जुड़े मुद्दों विशेष रूप से हिंदुत्व से संबंधित मुद्दों में गहरी दिलचस्पी ले रहा है। कुछ ही दिन पहले एबीएपी ने अभिनेता मिलिंद सोमन की नग्न तस्वीर की तुलना नागा साधुओं से करने पर अभिनेता पूजा बेदी को जमकर फटकारा था।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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