उद्धव की अगुवाई वाली ठाकरे स्मारक समिति ने खुद ही वास्तुकार चुन लिया : आरटीआई

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सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक शिवसेना के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली एक समिति ने प्रस्तावित बालासाहेब ठाकरे स्मारक के लिए एक प्रसिद्ध वास्तुकार को चुनने में कथित तौर पर महाराष्ट्र सरकार की उपेक्षा की है। आरटीआई के एक जवाब में यह खुलासा हुआ है।

मुंबई के सूचना अधिकार कार्यकर्ता अनिल गलगली ने पत्र लिखकर मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) से दादर के शिवाजी पार्क में समुद्र के पास प्रमुख भूखंड पर बनने वाले स्मारक के बारे में जानकारी मांगी थी। इससे पहले यह जगह शहर के मेयर का आधिकारिक आवास होती थी।

उन्होंने कहा, “आरटीआई जवाब के अनुसार, उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता वाली नौ सदस्यीय बालासाहब ठाकरे मेमोरियल कमेटी (बीटीएमसी) ने आगे बढ़कर 100 करोड़ रुपये के स्मारक के लिए जानी-मानी कंपनी आभा नारायण लांबा एंड एसोसिएट्स को प्रोजेक्ट मैनेजर व वास्तुकार के रूप में नियुक्त किया है।”

गलगली ने कहा कि आदर्श रूप से इस महत्वपूर्ण काम के लिए विज्ञापन दिया जाना चाहिए और ऐतिहासिक स्मारक के डिजाइन के लिए वैश्विक निविदाएं मांगी जानी चाहिए, जिसके लिए भूमि व निर्माण का खर्चा राज्य सरकार दे रही है।

बीटीएमसी के चेयरमैन उद्धव ठाकरे ने एक मार्च को एमएमआरडीए आयुक्त को लिखा कि लांबा व एसोसिएट्स को विस्तृत योजना, बजट अनुमान व स्मारक के लिए निविदा प्रक्रिया को तैयार करने के लिए नियुक्त किया गया है।

गलगली ने कहा, “इसमें कहा गया कि अनुबंध पर पहले ही आर्किटेक्ट कंपनी साथ हस्ताक्षर किए जा चुके हैं और यह प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से की गई। सच्चाई यह है कि हमने ऐतिहासिक स्मारक को डिजाइन करने की वैश्विक स्पर्धा का सुनहरा अवसर खो दिया।”

उन्होंने कहा कि उन्होंने इस बारे में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर जानना चाहा है कि यह सुनहरा अवसर क्यों गंवा दिया गया।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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