टेनिस : फेनेस्ता ओपन के फाइनल में कृष-डेनिम, विपाशा-गार्गी

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टॉप सीड कृष पटेल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फेनेस्ता ओपन के अंडर-16 एकल वर्ग के फाइनल में जगह बना ली है। वहीं लड़कियों के अंडर-16 एकल वर्ग में विपाशा मेहरा फाइनल में पहुंचने में सफल रही हैं। दोनों स्पर्धाओं के रविवार को होने वाले फाइनल में कृष का सामना डेनिम यादव से होगा तो वहीं विपाशा, गर्गी पवार से भिड़ेंगी।

कृष ने शुक्रवार को खेले गए सेमीफाइनल में देवेश गहलोत को सीधे सेटों में 6-3, 6-1 से मात दी। डेनिम ने आर्यन भाटिया को दूसरे सेमीफाइनल में 7-5, 6-1 से हराया।

मैच के बाद कृष ने कहा, “मैंने जिस तरह से आज खेला और जीत हासिल की उससे मैं काफी खुश हूं। मेरी रणनीति आक्रामक खेलने की थी। मैंने इससे पहले दो बार देवेश के खिलाफ खेला है और जीत हासिल की है।”

डेनिम ने कहा, “आज के मैच को लेकर मैं आत्मविश्वास से भरा था। शुरुआत में मैं जरूर लड़खड़ा गया, लेकिन बाद में मैंने वापसी की। वहां से मैं जानता था कि मुझे जीत मिलेगी क्योंकि वह थोड़े ढीले पड़ गए थे। दूसरे सेट में मैंने उन्हें वापसी का मौका नहीं दिया। कृष के साथ फाइनल खेलने में मजा आएगा।”

लड़कियों के पहले सेमीफाइनल में विपाशा ने संजना श्रीमाला को 7-6(8),6-7(2),6-1 से मात दी। दूसरे सेमीफाइनल में गर्गी ने संस्कृति दामेरा को 5-7,6-3,6-0 से हराया।

विपाशा ने कहा, “मैं अच्छा महसूस कर रही हूं क्योंकि पिछले नेशनल्स में मैं सेमीफाइनल तक पहुंची थी। मैं फाइनल में पहुंचने के काफी करीब थी, लेकिन हार गई थी। मैं निराश थी लेकिन इस बार यह मेरा समय है। उम्मीद है कि मैं टूर्नामेंट जीतूंगी।”

गार्गी ने कहा, “मैं फाइनल में पहुंच कर काफी खुश हूं। यह फेनेस्ता टूर्नामेंट है और फाइनल में खेलना मेरे लिए बड़ी बात है। मैं फाइनल में अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करूंगी।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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