मंदिर, मस्जिद बनवाना राजनीतिक दल का काम नहीं : केंद्रीय मंत्री

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केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोकसमता पार्टी (रालोसपा) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से अलग होंगे या नहीं, यह तो अभी भविष्य के गर्त में है, लेकिन उन्होंने गुरुवार को पार्टी के चिंतन शिविर के बाद यहां खुले अधिवेशन में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने भाजपा को लोकसभा चुनाव से पहले अयोध्या में राम मंदिर बनाने का मुद्दा उठाने पर आड़े हाथों लेते हुए कहा कि मंदिर, मस्जिद बनवाना राजनीतिक दलों का काम नहीं है। उन्होंने बिहार में कथित ‘नीतीश मॉडल’ पर तंज कसते हुए कहा कि नीतीश मॉडल से बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर का सपना पूरा नहीं हो सकता।

रालोसपा के वाल्मीकिनगर में दो दिवसीय राजनीतिक चिंतन शिविर के बाद गुरुवार को मोतिहारी में खुला अधिवेशन में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि शिक्षा के बिना विकास की बात करना बेमानी है। उन्होंने नीतीश सरकार को निकम्मी सरकार बताते हुए कहा कि बिहार में आज जो कानून व्यवस्था की हालत है, वह पूर्ववर्ती लालू सरकार से भी बदतर हो गई है।

उन्होंने कहा कि पार्टी के चिंतन शिविर में वर्तमान सरकार को उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया गया है, जिसमें रालोसपा के कार्यकर्ता आज से जुट गए हैं।

कुशवाहा ने बिहार में शिक्षा व्यवस्था की बदतर हालत पर चिंता जाहिर करते हुए इसके लिए व्यवस्था को दोषी बताया और आरोप लगाया कि बिहार के स्कूलों में अभी ऐसे शिक्षकों की बहाली की गई है जो सही ढंग से आवेदन भी नहीं लिख सकते।

उन्होंने बिहार भाजपा इकाई को नीतीश की ‘बी’ टीम बताते हुए कहा कि बिहार भाजपा नीतीश के सामने दंडवत हो गई है। नीतीश कुमार कुछ दिनों पहले जिस भाजपा हो ‘भारतीय जुमला पार्टी’ कहते थे, बिहार भाजपा की आज वही स्थिति है।

रालोसपा प्रमुख ने एक बार फिर लोकसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे की चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने इस मामले को लेकर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने की कोशिश की थी, लेकिन मिलने का समय नहीं दिया गया।

कुशवाहा ने इससे पहले कहा था कि चिंतन शिविर के बाद छह दिसंबर को वह घोषणा करेंगे कि राजग में ही रहना है या इससे निकल जाना है, मगर पूरा दिन बीत जाने के बाद भी उन्होंने कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की। दीगर बात है कि उन्होंने अपने संबोधन में यह जरूर कहा कि वह अभी भी केंद्र सरकार में मंत्री हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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