चित्तूर में TDP, YSRCP की रैलियों को पुलिस ने किया नाकाम

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आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले की पुलिस ने सोमवार को सत्तारूढ़ वाईएसआरसीपी कांग्रेस और विपक्षी तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के कार्यकर्ताओं द्वारा की जाने वाली रैलियों को नाकाम कर दिया और दोनों पक्षों के कई स्थानीय नेताओं को घर में नजरबंद कर दिया। एक पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, “हमने दोनों पक्षों के प्रमुख नेताओं को नजरबंद कर दिया है।”

तेदेपा के कुछ नेता और जिला कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए हांद्री नीवा नहर के कथित तौर पर पूरा न होने को उजागर करने के लिए एक विरोध रैली की योजना बनाई थी। उन्होंने रामकुप्पम से कुप्पम (143 किलोमीटर की दूरी) तक एक मार्च निकालने के लिए पुलिस की अनुमति के लिए आवेदन दिया था।

कुप्पम विजयवाड़ा से 604 किलोमीटर दूर दक्षिण पश्चिम में स्थित है। तेदेपा के इस रैली का मुकाबला करने के लिए, सत्ताधारी वाईएसआरसीपी के स्थानीय नेताओं और कैडरों ने भी रैली के लिए अनुमति के लिए आवेदन किया।

उन्होंने कहा, “वाईएसआरसीपी के नेताओं ने भी तेदेपा की पदयात्रा का मुकाबला करने के लिए एक रैली के लिए आवेदन किया था। इसीलिए दोनों दलों के नेताओं को उनके संबंधित घरों में नजरबंद कर दिया गया।”

पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 144 को लागू कर दिया, भले ही पुलिस अधिनियम की धारा 30 भी कोरोनोवायरस महामारी को देखते हुए महीने के अंत तक लागू है।

घर में नजरबंद लोगों में पालमनेर के पूर्व तेदेपा मंत्री अमरनाथ रेड्डी, चित्तूर के एमएलसी श्रीनिवासुलु, मनोहर, मुनिरत्नम और जिला पार्टी अध्यक्ष नानी शामिल हैं।

इसी तरह, रामकुप्पम मंडल वाईएसआरसीपी के अध्यक्ष बाबू रेड्डी और अन्य को भी घर में नजरबंद कर दिया गया।

न्यूज स्त्र.ोत आईएएनएस

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