अफगानिस्तान और तालिबान में बातचीत पर बनी आपसी सहमति

जिसको लेकर अफगानिस्तान की सरकार और खूंखार आतंकी संगठन तालिबान में आम सहमति बन गयी है। हालांकि तालिबान ने राष्ट्रपति अशरफ गनी सरकार से सीधी बातचीत के लिए इंकार कर दिया है।

0
36

अफगानिस्तान और तालिबान में जल्द ही बातचीत संभावित है और दोनों पक्षों में आपसी सहमति बनते दिख रही है।अफगानिस्तान ने तालिबान के साथ शांति वार्ता के लिए 250 लोगों को नामजद किया है जिसमे विपक्षी सदस्य,महिला अधिकार कार्यकर्ता , राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि,सरकारी अधिकारी कबायली बुजुर्ग तथा हाई पीस काउंसिल के सदस्य शामिल हैं।बता दे कि इस प्रतिनिधिमंडल में 50 महिलाएं भी शामिल हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक यह बैठक सप्ताह के अंत में कतर में आयोजित होना है जिसको लेकर अफगानिस्तान की सरकार और खूंखार आतंकी संगठन तालिबान में आम सहमति बन गयी है। हालांकि तालिबान ने राष्ट्रपति अशरफ गनी सरकार से सीधी बातचीत के लिए इंकार कर दिया है। तालिबान बैठक में शामिल सदस्यों को साधारण अफगान की ही मान्यता देगा।गौरतलब है कि अफगानिस्तान और पाकिस्तन में अबू बकर अल बगदादी से पहले तालिबान ने लम्बे दौर तक मौत के नए-नए तरीके ईजाद किए थे. इतना ही नहीं मानव बमों की अम्बार भी खड़ी कर दी। बता दे कि मौजूदा दौर में तालिबान ने फिलहाल आधे से ज्यादा अफगानिस्तान पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया है। वही तालिबान के साथ शांति वार्ता की पहल माह नवंबर में रूस ने की थी। हालांकि तालिबान का यह बैठक कुछेक मायनो में अनौपचारिक है क्युकि इसमें सीधे तौर पर अफगानिस्तान की असरफ गनी की सरकार शामिल नहीं है फिर भी इस बैठक के बहुआयामी नतीजे हो सकते है। उम्मीद जताई जा रही है कि इससे तालिबान के नागरिक हमलो के खतरे पर संभावित समाधान निकला जा सकता है।। वही इसमें शामिल अलग अलग तबके के प्रतिनिधि अपने स्तर पर तनाव काम करने की कोशिश भी करेंगे जिससे वेबजह का खून खराबा न हो।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here