तबलीगी जमात ने किया लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला, आईएएनएस को मिला समर्थन

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हाल में सुर्खियों में आए तबलीगी जमात के ‘आतंकी कनेक्शन’ का आईएएनएस ने खुलासा किया,तो संगठन के लोग बौखला गए। उन्होंने आईएएनएस से जारी खबर को छापने वाले कई सब्सक्राइबर्स को कानूनी नोटिस भेजकर डराने और धमकाने की कोशिश की। तथ्यों की बुनियाद पर लिखी गई अपनी रिपोर्ट पर आईएएनएस अडिग है। लिहाजा, आईएएनएस ने तबलीगी जमात की नोटिस का जवाब नोटिस से दिया है। सच उजागर करने पर समाचार संस्थानों को कानूनी मामले में फंसाने की धमकियों की लोग निंदा कर रहे हैं। इसे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला माना जा रहा है। आईएएनएस ने बीते दिनों जारी अपनी रिपोर्ट में बताया था कि कैसे तब्लीगी जमात के सरहद पार के कुछ अतिवादी संगठनों से रिश्ते हैं।

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने कहा, “देश में इस वक्त संकट के समय मीडिया अपनी सकारात्मक भूमिका निभा रहा है। तब तबलीगी जमात की ओर से मीडिया को खबर छापने पर कानूनी नोटिस भेजकर मुकदमे की धमकी देने की जितनी भर्त्सना की जाए वो कम है। आईएएनएस ने आतंकी कनेक्शन की जो खबर जारी की, वह तथ्यों पर आधारित है। आईएएनएस ने नोटिस का जवाब नोटिस से देकर निर्भीकता दिखाई है।”

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता विजय सोनकर शास्त्री ने कहा, “आईएएनएस ने जो रिपोर्ट दिखाई है, वह बिल्कुल सही है। तबलीगी जमात के लोग कोरोनावायरस की रोकथाम में असहयोग कर रहे हैं। मीडिया, पुलिस और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों पर हमला कर रहे हैं। गंदी हरकतें कर रहे हैं। आईएएनएस के खुलासे पर इस संगठन के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।”

भाजपा प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने कहा कि तबलीगी जमात के लोग पिछले तीन दशको से आंतकवादी संगठनों को वैचारिक खुराक देने का काम कर रहे हैं। जमात के लोग लगातार खुफिया एजेंसियों के निशाने पर हैं।

प्रेम शुक्ला ने कहा, “लश्कर-ए-तोएबा और सिमी जैसी आंतकवादी संगठनों को वैचारिक खाद देने का काम तबलीगी जमात के लोगों ने ही किया है। तबलीगी जमात के लोग यह काम 1980 से करते आ रहे हैं। पहली बार तबलीगी जमात का फिदायीन एजेंडा बेनकाब हुआ है।”

उन्होंने कहा, “तबलीगी जमात के इस एजेंडे को समाचार माध्यमों ने बेनकाब किया है। ऐसे में तबलीगी जमात के लोग समाचार एजेंसी आईएएनएस को धमका रहे हैं। मेरा सरकार से आग्रह है कि इस मामले में तबलीग के खिलाफ यूएपीए एक्ट के तहत करवाई हो।”

विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा, “तबलीगी जमात की गतिविधियां जन्म के समय से ही संदेह के घेरों में रहीं हैं। विहिप तबलीगी जमात को प्रतिबंधित करने की मांग करती है। अपने खिलाफ तथ्यों की बुनियाद पर छपी खबर पर तब्सलीगी जमात द्वारा समाचार संस्थानों को डराने की कोशिश करना निंदनीय है। विहिप पहले से ही तबलीगी जमात की गतिविधियों को लेकर सवाल उठाती रही है। आईएएनएस की खबर ने तब्लीगी जमात की पोल खोलकर रख दी।”

विनोद बंसल ने कहा कि दुनिया में तबलीगी जमात के लोग कट्टरता के बीज बो रहे हैं। कई मुस्लिम देशों ने भी तबलीगी जमात को बैन कर रखा है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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