टीशर्ट करेगा महिलाओं से छेड़खानी होने पर अलर्ट (Women’s Day Special)

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महिला सुरक्षा के लिए वाराणसी के स्कूली बच्चों ने एक ऐसा प्रयोग किया है जिससे उनके साथ होने वाली घटनाओं के प्रति सचेत हुआ जा सकता है। अगर महिला के हाथ में मोबाइल नहीं है, तब भी उसके साथ छेड़छाड़ और अनहोनी की जानकारी पुलिस और परिवार को हो जाएगी। यह सारी जानकारी महिला के बटन दबाने से होगी। इसके लिए महिलाओं को महिला शक्ति टी शर्ट पहननी होगी। इसको इजाद किया है प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की 11 वीं कक्षा की छात्राओं ने।

वाराणसी के आर्यन इंटरनेशनल स्कूल की कक्षा 11 की छात्राएं अनन्या सिंह, वैष्णवी, पृषा ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए वुमेन्स शक्ति टी शर्ट बनायी है। जो कि मुसीबत में फंसी महिलाओं की सुरक्षा में काफी कारगर सिद्ध होने वाली है।

वैष्णवी ने आईएएनएस से खास बातचीत में बताया कि, “हमने देखा कि हर रोज कहीं न कहीं किसी महिला के साथ छेड़खानी समेत अन्य घटनाएं होती रहती हैं। उसी को देखते हुए हमने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर वुमेंस शक्ति टी शर्ट डिवाइस बनायी है। जो अभी प्रोटोटाइप है। यह डिवाइस महिला अपने कपड़े में फिट कर सकती है। यह बहुत आसान है। यह डिवाइस टीशर्ट में कहीं भी छिपा कर जा सकती है। जरूरत पड़ने पर इस बटन को दबाया जाएगा। इसमें सेट नम्बर पुलिस और परिजनों के होंगे। जिन पर काल जाने लगेगी और वह मुसीबत से बच जाएगी। टी शर्ट के अलावा इस चिप को कहीं छिपा कर लगाया जा सकता है। यह तीन चार हजार रुपए में तैयार हो जाता है।”

उन्होंने बताया कि इसमें ट्रांसमीटर, नैनो आडिनों सर्किट और बैटरी लगी है। जो पूरे एक साल तक बिना चार्ज किए हुए चलता रहेगा। इसकी रेंज 200 मीटर रखी गयी है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता है कि इसमें पास में फोन न हो तब भी यह काम करेगा। इसमे फोन की बिल्कुल जरूरत नहीं है।

अनन्या सिंह ने बताया कि इस डिवाइस को किसी भी ड्रेस में लगा सकते हैं। ट्रांसमीटर जिसमें सिग्नल भेजेंगे।

पृषा ने बताया कि इन दिनों यूपी सरकार के माध्यम से यहां पर मिशन शक्ति को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके अलावा 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस है। इसमें यह डिवाइस हर महिला का संबल बनेगी।

स्कूल की डायरेक्टर और महिला एरोबिक एसोसिएशन यूपी की अध्यक्ष सुबीन चोपड़ा ने बताया कि, “आज जिस प्रकार से महिलाओं के साथ घटनाएं हो रही हैं। उसमें हमारे स्कूल की छात्राओं द्वारा बनी डिवाइस बड़ा अच्छी साबित होगी। इस डिवाइस की एक बटन दबाने पर बिना फोन के तुरंत कॉल उनके अभिभावकों और पुलिस स्टेश्न को मिल जाएगी।”

उन्होंने बताया कि, “यौन अपराधियों से बचने के लिए महिलाओं को अब मिर्ची पाउडर या स्प्रे रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। निदेशक ने बताया कि यह डिवाइस दिखाई नहीं देने वाली, पहनने योग्य और आसानी से संचालित होगी। इस डिवाइस की व्यवस्था को पूरे देश में लागू करने के लिए हमने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी को पत्र लिखा है। जिससे महिलाओं की सुरक्षा को एक अच्छा हथियार मिल सके।”

यूपी पुलिस की (एसटीएफ) इकाई वाराणसी के डिप्टी एसपी विपिन कुमार राय ने बताया कि, “तकनीक के जमाने में यह डिवाइस बहुत जल्द महिलाओं को सुरक्षा देगी। इसमें तुरंत सूचना मिलने से शीघ्रता से मदद मिलेगी। इस डिवाइस महिला सुरक्षा के लिए कवच सिद्ध हो सकती है।”

न्यूज सत्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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