T.S. Singh Dev बने टीएएडीसी के वरिष्ठ पर्यवेक्षक

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छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंह देव को त्रिपुरा में आगामी जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (टीएएडीसी) चुनाव के लिए वरिष्ठ पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया गया है। भाजपा ने लेफ्ट सरकार को एकजुट करने के बाद से ही टीएएडीसी चुनावों में बढ़त बनाने का प्रयास करते हुए कांग्रेस को पूर्वोत्तर राज्य में स्थापित करने की कोशिश की।

जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद एक स्वायत्त जिला परिषद है, जो त्रिपुरा के त्रिपुरी बहुल क्षेत्रों का प्रशासन करता है। इसकी परिषद और विधानसभा 30 सदस्यों के साथ खुमुलवंग में स्थित हैं।

2018 के विधानसभा चुनावों में, वाम-मोर्चे को बीजेपी-इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा गठबंधन ने हराया था। इसे 59 सीटों में से 43 सीटों पर जीत मिली थी।

न्यूज सत्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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