अब गे बार खुलेंगे और एड्स बढ़ेगा, समलैंगिकता के फैसले पर बोले स्वामी

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जयपुर। सुप्रीम कोर्ट ने अपने ऐतिहासिक फैसला सुनते हुए गुरुवार को समलैंगिकता को अपराध मानने से मना कर दिया, जिसके बाद देश भर में कई लोगों ने कोर्ट के इस निर्णय की सराहना की लेकिन कई लोगों ने कोर्ट के इस आदेश को सही नहीं बताया।

उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने दावा किया है कि सुप्रीम कोर्ट के समलैंगिकता के फैसले से भारतीय संस्कृति खराब हो जाएगी, तो दूसरी और आरएसएस का कहना है की ये प्रकृति के खिलाफ है। वहीं बीजेपी राज्य सभा सांसद सुब्रमनियम स्वामी इन सब से कई आगे निकल गए।

स्वामी ने कहा की आने वाले समय में एक सात जज की बेंच बनेगी और इस आदेश को पलट देगी। स्वामी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि “जिस प्रकार किसी की 6 उंगलियां होती है फिर ऑपरेशन या इलाज से उस विकार को दूर किया जाता है उसी प्रकार समलैंगिकता एक आनुवांशिकीय विकार है जिसका इलाज संभव है।”

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स्वामी यही नहीं रुके उन्होंने इस आदेश को अमेरिका की कोई चाल बता दिया और कहा की अब देश में गे बार खुलेंगे और एड्स की बीमारी बढ़ेगी। हालांकि स्वामी ने ये बताया नहीं की गे बार खुलने में क्या तकलीफ है।

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आपको बता दे की भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) दीपक मिश्रा की अध्यक्षता में पांच न्यायाधीशीय संविधान खंडपीठ जिसमे  न्यायमूर्ति डी वाई चन्द्रचुद, रोहिंटन फली नरीमन, ए एम खानविलकर और इंदु मल्होत्रा ​​शामिल थे। इन्होने कानून को रद्द करने के लिए दायर याचिकाओं के एक समूह पर ये फैसला लिया था।

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