समझौता ट्रेन विस्फोट मामले में सुनवाई स्थगित, जानिए !

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समझौता एक्सप्रेस लिंक ट्रेन विस्फोट मामले की सुनवाई पंचकूला में वकीलों की हड़ताल के बाद गुरुवार को दो बार स्थगित हुई। मामले की सुनवाई को न्यायाधीश ने अपरान्ह 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया, लेकिन वकीलों की हड़ताल जारी रहने की वजह से फिर से सुनवाई को सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया। मामले की सुनवाई गुरुवार सुबह होनी थी।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की अदालत ने 11 मार्च को फरवरी 2007 के समझौता एक्सप्रेस विस्फोट मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस विस्फोट में 68 लोग मारे गए थे जिसमें ज्यादातर पाकिस्तानी नागरिक थे।

एक पाकिस्तानी नागरिक द्वारा एक नई याचिका दाखिल करने के बाद विशेष एनआईए अदालत को 14 मार्च को फैसला सुनाना था जिसे अब सोमवार तक के लिए टाल दिया गया है।

महिला राहिला ने अपनी वकील के जरिए एक ईमेल भेजा है, जिसमें कहा गया कि वारदात के पाकिस्तान के प्रत्यक्षदर्शियों को सुनवाई के लिए नहीं बुलाया गया है। राहिला विस्फोट में मारे गए एक पाकिस्तानी की बेटी हैं।

याचिकाकर्ता ने कहा कि पाकिस्तान के गवाहों को न तो समन भेजा गया और ना ही अदालत के समक्ष पेश होने को कहा गया।

एनआईए अदालत को नई याचिका को स्वीकार करने पर फैसला लेना है।

एनआईए अदालत ने इस मामले में जनवरी 2014 को हिंदू नेता स्वामी असीमानंद व तीन अन्य कमल चौहान, राजेंद्र चौधरी व लोकेश शर्मा के खिलाफ आरोप तय किए थे।

असीमानंद को अदालत से अगस्त 2014 में जमानत मिल गई। इस मामले में बहस 6 मार्च को समाप्त हो गई और एनआईए अदालत ने कहा था कि फैसला 11 मार्च को सुनाया जाएगा।

यह विस्फोट दिल्ली से लाहौर के बीच चलने वाली ट्रेन में 18 फरवरी 2007 को हरियाणा के पानीपत में हुआ था, जिसमें 68 लोग मारे गए थे। 43 पाकिस्तानी, 10 भारतीय व 15 अज्ञात लोग मारे गए थे।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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