कुदरत का हैरतअंगेज कारनामा’,इस महिला के शरीर में एक नहीं बल्कि दो प्राइवेट पार्ट हैं

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दोस्तों, कुदरत के करिश्में के आगे कभी किसी की नहीं चलती वो जब चाहे तब कुछ भी कर सकती हैं । आज हम आपको कुदरत के एक ऐसे ही करिश्में के बारे में बताने जा रहे हैं । क्या आपने कभी सुना है कि किसी महिला के दो प्राइवेट पार्ट है नहीं ना, लेकिन आज हम आपको एक ऐसी महिला के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके दो प्राइवेट पार्ट हैं । जी हां, आपने सही सुना । यहीं नहीं बल्कि इस महिला के दो गर्भाशय और दो ग्रीवा भी मौजूद हैं ।

यूट्यूब की मशहूर ब्लॉगर कसान्ड्रा बैकसन ने फैन्स को सबसे पहले ये सच्चाई बताई है। बैकसन ने कहा कि उन्होंने काफी सालों तक हिम्मत करने के बाद ये सच बताने की ठानी कि वो दूसरी लड़कियों की तरह नहीं है । उसके शरीर में एक नहीं बल्कि दो प्राइवेट पार्ट हैं । इसके बाद उसके ब्लॉग पर लोगों के सवालों का झड़ी लग गई । सोशल मीडिया पर यह खबर छपने के बाद लोगों ने सबसे ज्यादा सवाल बैकसन की सेक्स लाइफ पर पूछे गए ।

 

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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