निजी स्कूलों के ट्यूशन फीस मामले में सुप्रीम कोर्ट का हाईकोर्ट के फैसले में दखल से इनकार

0

उत्तराखंड में गैर मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में ट्यूशन फीस के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उत्तराखंड हाईकोर्ट के फैसले में दखल देने से इनकार कर दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने माना कि बिना मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के छात्रों को कोरोनावायरस के प्रकोप को रोकने के लिए लागू राष्ट्रव्यापी बंद की अवधि के दौरान फीस का भुगतान करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है।

दरअसल उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य के सभी निजी गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों को उन अभिभावकों से ट्यूशन फीस मांगने से रोक दिया था, जो अपने बच्चों को ऑनलाइन क्लास दिलाने में असमर्थ थे।

इसके बाद स्कूलों ने इस आदेश को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत का रुख किया।

प्रधान न्यायाधीश एस. ए. बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि वे इस स्तर पर मामले पर विचार करने के लिए उत्सुक नहीं हैं।

हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली अपील प्रिंसिपल्स प्रोग्रेसिव स्कूल्स एसोसिएशन और सेंट जूड्स, देहरादून द्वारा दायर की गई थी।

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने निर्देश दिया था कि ट्यूशन फीस का भुगतान केवल उन छात्रों को करना चाहिए, जो कि इसका भुगतान करना चाहते हैं और साथ ही निजी शिक्षण संस्थानों द्वारा पेश किए जा रहे ऑनलाइन पाठ्यक्रम का उपयोग करने में सक्षम हैं। इसके आलावा जिन छात्रों के पास ऑनलाइन पाठ्यक्रम तक पहुंच नहीं है, उन्हें ट्यूशन फीस का भुगतान करने के लिए नहीं कहा जा सकता है।

हाईकोर्ट ने कहा था कि जो बच्चे ऑनलाइन पाठ्यक्रम में भाग नहीं लेते हैं, उन्हें ट्यूशन शुल्क का भुगतान करने के लिए नहीं कहा जाना चाहिए।

स्कूलों का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील जोहेब हुसैन ने दलील दी कि ऑनलाइन माध्यम से शिक्षा प्रदान करने वाले स्कूलों को शुल्क लेने से रोका नहीं जाना चाहिए और अदालत से ऑनलाइन शिक्षा में शामिल खचरें को ध्यान में रखने के लिए कहा। उन्होंने अदालत को सूचित किया कि ऑनलाइन कक्षाओं में उपस्थिति 100 प्रतिशत है, लेकिन केवल 10 प्रतिशत छात्र ही फीस दे रहे हैं।

राज्य सरकार के आदेश में कहा गया है कि लॉकडाउन के दौरान जिन निजी स्कूलों ने ऑनलाइन कक्षाएं या अन्य संचार मोड शुरू किए हैं, उन्हें केवल शिक्षण शुल्क लेने की अनुमति होगी। आदेश में यह भी कहा गया है कि एक छात्र को शुल्क का भुगतान नहीं करने पर उसे हटाया नहीं जा सकता है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleअभिनेत्री तिलोत्तमा शोम को शादी का अजीब प्रस्ताव
Next articleएबीवीपी ने अंतिम वर्ष की परीक्षाएं आगे बढ़ाने की मांग की
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here