राफेल दस्तावेज पर सर्वोच्च न्यायालय का आदेश सुरक्षित

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सर्वोच्च न्यायालय ने राफेल मामले के दस्तावेज को लेकर सरकार की दलील पर गुरुवार को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। याचिकाकर्ता पूर्व वित्तमंत्री यशवंत सिन्हा, पत्रकार से राजनेता बने अरुण शौरी और सक्रियतावादी व वकील प्रशांत भूषण द्वारा राफेल मामले में दाखिल दस्तावेज पर सरकार ने दलील पेश की।

करीब एक घंटे की सुनवाई के बाद प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने सरकारी दलील पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। दलील में दस्तावेज को मामले के रिकॉर्ड से हटाने की मांग की गई।

केंद्र सरकार ने बुधवार को सर्वोच्च न्यायालय से कहा कि याचिकाकर्ता राष्ट्रीय सुरक्षा और लड़ाकू विमानों की संवेदनशील सूचना लीक करने के दोषी हैं। याचिकाकर्ताओं ने अदालत के 14 दिसंबर के उस फैसले की समीक्षा करने की मांग की जिसमें राफेल विमान सौदे में सरकार को क्लीन चिट दी गई थी।

सरकार ने एक हलफनामे में कहा कि लीक हुई सूचना अब दुश्मन/ हमारे विरोधियों को उपलब्ध हो गई है। सरकार ने कहा कि सूचना लीक के इस मामले की साजिश रचने वाले भारतीय दंड संहिता के तहत दंडनीय अपराध करने के दोषी हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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