देश का नाम भारत करने की याचिका पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार….

0

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 1 में इंडिया शब्द के हटाकर भारत करने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई। इस याचिका पर शीर्ष अदालत ने सुनवाई करने से इरकार कर दिया है। इस मामले पर दखल देने से इनकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि याचिका को सरकार के पास रिप्रजेंटेशन के तौर पर माना जाए। कोर्ट ने कहा है कि याचिका कर्ता इस मामले को लेकर केंद्र को ज्ञापन भेज सकते हैं।

दिल्ली के रहने वाले नमह नाम के व्यक्ति ने वकील राज किशोर चौधरी के माध्यम से कोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। याचिका के जरिए मांग की गई है कि देश को मूल और प्रामाणिक नाम भारत द्वारा मान्यता दी जाए। इस पर चीफ जस्टिस एसए बोबड़े ने कहा है कि हम ये नहीं कर सकते हैं। संविधान में पहले ही भारत नाम कहा गया है।

याचिकाकर्ता ने कहा है कि इंडिया नाम को भारत संघ की ओर से विफलता हुई है। जो गुलामी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इससे लोगों को चोट पहुंची है।

याचिकाकर्ता का कहना है कि इंडिया शब्द गुलामी का प्रतीक लगता है। देश को मूल नाम भारत से मान्यता देनी चाहिए। याचिका में 1948 में संविधान सभा में संविधान के तत्कालीन मसौदे के अनुच्छेद-1 पर हुई चर्चा का हवाला दिया। उस समय देश का नाम भारत या हिंदुस्तान रखने को लेकर पुरजोर हिमायत की थी। यह उचित समय है कि देश को उसके मूल और प्रमाणिक नाम भारत से जाना जाए।

Read More…
चक्रवात निसर्ग के कारण मुंबई से इंडिगो की 17 फ्लाइट रद्द, 3 का होगा संचालन
राजस्थान में आज से 200 मार्गों पर रोडवेज का संचालन शुरू, 515 बसों ने पकड़ी रफ्तार….

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here