‘सुपर 30’ ने रिलीज से पहले मचाई धूम, जानिए इसके बारे में !

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भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) की प्रवेश परीक्षा की तैयारी कराने के लिए चर्चित संस्था ‘सुपर 30’ पर बन रही बायोपिक अभी रिलीज नहीं हुई लेकिन अभी से यह लोगों की पहली पसंद बन गई है। इस बायोपिक का पिछले सप्ताह पोस्टर जारी किया गया था और गूगल पर सबसे ज्यादा सर्च किए जाने वाला विषय बन गया। पिछले सप्ताह गूगल पर ऋतिक रोशन अभिनीत फिल्म सुपर 30 सबसे ज्यादा ट्रेंड किया।

गूगल ने इसकी जानकारी अपनी साइट पर दी है। गूगल ने अपने सोशल साइट पर एक छोटा-सा वीडियो क्लिप भी जारी किया है, जिसमें ऋतिक रोशन को आनंद कुमार की तरह पढ़ाते दिखाया गया है।

उल्लेखनीय है कि मशहूर निर्देशक विकास बहल के निर्देशन में बनने वाली बायोपिक ‘सुपर 30’ में इस संस्था के संस्थापक आनंद की भूमिका ऋतिक रोशन ने निभाई है।

यह फिल्म अगले साल 25 जनवरी को रिलीज होगी। इसमें दिखाया गया है कि कैसे शिक्षा के जरिए दुनिया में एक बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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