Sunil Chhetri सर्वश्रेष्ठ हैं और हर दिन सर्वश्रेष्ठ होना चाहते हैं : सहल अब्दुल समद

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भारत के फुटबॉल खिलाड़ी सहल अब्दुल समद ने अपने कप्तान सुनील छेत्री की तारीफ करते हुए कहा है कि, छेत्री इस समय भारत के सर्वश्रेष्ठ खिलाडी हैं । इसके साथ ही सहल ने भी कहा है कि छेत्री हर दिन सर्वश्रेष्ठ बनना चाहते हैं । सहल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि, “अगर मुझे उनके बारे में एक चीज चुननी है तो मैं छेत्री भाई की सकारात्मक मानसिकता को चुनूंगा ।

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इसके आगे उन्होंने कहा, “उस दिन से मैं समझा की वह किस तरह के इंसान हैं। इसके बाद जब मैं अंतिम-11 में चुना गया, तब हम दोनों साथ खेले, वहां से मुझे उनसे अनुभव मिला । आपको बता दें कि, 23 साल का यह मिडफील्डर 2018-19 में देश का उभरता हुआ खिलाड़ी चुना गया था । उन्होंने किंग्स कप-2019 में सीनियर टीम के साथ खेला था और तब से वह टीम की मिडफील्ड के अहम सदस्य बन गए हैं ।

 

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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