उत्तर प्रदेश में तेज धूप के कारण उमस भरी गर्मी

0
118

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तथा इसके आसपास के क्षेत्रों में मंगलवार को सुबह से ही तेज धूप निकली है तथा उसम भरी गर्मी का दौर जारी है। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।

मौसम विभाग के अनुसार दो दिन बाद फिर मौसम का मिजाज बदल सकता है। लेकिन अभी एक-दो दिन गर्मी से लोगों को निजात मिलने की संभावना कम है। शुक्रवार की सुबह से मौसम साफ है और तेज धूप निकली हुई है। बीते दिनों के मुकाबले गर्मी का असर आज ज्यादा है।

शुक्रवार को झांसी का न्यूनतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस, अलीगढ़ 38 डिग्री, आगरा का 38 डिग्री, बांदा 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

गुरुवार को लखनऊ का अधिकतम तापमान 36.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान समान्य से तीन डिग्री अधिक 29.3 डिग्री रिकार्ड हुआ। आज मौसम विभाग ने अधिकतम तापमान 41 डिग्री के आस-पास रहने की संभावना जताई है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleअभिनेता प्रभास की आगामी फिल्म ‘साहो’ का टीजर जारी
Next articleकार को गोबर से लीपने की नहीं पड़ेगी जरूरत, इस तरह भी ठंडी रख सकते हैं कार
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here