अपर्याप्त नींद लेने से भी बढ़ती जा रही है शुगर की बीमारी

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जयपुर। इस ज़िंदगी में लोगों के पास खुद के लिये समय ही नहीं है। यह बहुत ही अजीब बात है की आखिर किस लिए इंसान इतना भागदौड़ कर रहा है खुद के लिए कर रहा है लेकिन वह खुद के लिए कभी भी वक्त नहीं निकालता है। और इसके चलते अनियमित दिनचर्या से कई तरह के गंभीर रोग उत्पन्न हो जाते हैं। जैसे की खून में शर्करा का स्तर कम होने पर या फिर शरीर में इंसुलिन हार्मोन की कमी से मधुमेह रोग हो जाता है, इसे लोग आम बोलचाल की भाषा में शुगर की बीमारी कहते है। अभी एक नये अध्ययन से यह मालुम हुआ है

कि कम सोने के कारण भी डायबिटीज का खतरा हो सकता है। आपको बता दे की पूरी नींद ना लेने से शरीर में इंसुलिन को लेकर संवेदनशीलता कम होती जाती है। रक्त में शर्करा को नियंत्रित करने की इंसुलिन हार्मोन की आवश्यकता होती है। जब शर्करा का स्तर डगमागा जाता है तो इस वज़ह से मधुमेह का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है। वर्तमान में लोगों की जीवन शैली बहुत ही बदल गई है इसके चलते ये पर्याप्त नींद नहीं ले पाते है। इसी कारण से रातों को नींद हमारी बीमारी का कारण बनती है। और मधुमेह ही नहीं इससे मोटापा, मेटाबोलिक सिंड्रोम, मनोवस्था संबंधी विकार, संज्ञानात्मक विकार जैसे कई रोग पल्ले पड़ जाते है।

वैसे तो मधुमेह बुजुर्गो में अधिक पाया जाता है लेकीन अभी युवाओं में भी यह एक सामान्य बात हो गई है। वैज्ञानीक बताते है की जब लोग बहुत कम सोते हैं तो उनके शरीर की जैविक घड़ी में गड़बड़ आ जाती है। आपको बता दे की यह जैविक घड़ी खून में शुगर के लेवल को कम ज्यादा करने के लिये काफी जिम्मेदार होती है। यह शोध करेंट बायोलॉजी नामक रिसर्च जर्नल में प्रकाशित किया गया है।

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