विकलांगता को लेकर ऐसी धारणा थी मशहूर वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग की

0
80

बता दें की स्टीफन हॉकिंग ने दुनिया को अपने शोधों से कई बार हैरान किया है। अब बुधवार को 76 साल का उम्र में वे इस दुनिया को छोड़कर चले गए हैं। स्टीफ का जन्म 8 जनवरी 1942 को इंग्लैंड के ऑक्सफोर्ड में हुआ था बचपन से स्टीफन से सोच लिया था।

कि वह अंतरिक्ष वैज्ञानिक बनना चाहते थे।मात्र 21 साल की उम्र में हॉकिंग छाप यूनिवर्सिटी पड़ने लगी थी । डॉक्टरों ने उन्हें गंभीर बीमिरयों के संकेत भी दिए थे पर वे इससे जूझते रहे।

उन्होंने कहा था कि बीमारी के कारण में मैं एक बेहतरीन वैज्ञानिक बन पाया हूं। साथ ही उन्होंने यह जताया था कि मेरे अध्ययनों में यह साबित किया कि दुनिया में कोई विकलंगता नहीं है। मैं दिमाग को एक कंप्यूटर समझता हूं उसके अलग अलग हिस्सों के असफल होने की वजह से काम करना बंद कर देता है।

बता दें की महान वैज्ञानिक स्टीफन ने सीधे तौर पर कहा था कि दुनिया में विकलांगता नाम की कोई चीज ही नहीं हैं। एख तरह से कहीं ना कहीं उन्होंने विकलंगाता को कमजोरी मानने से उनका इनकार था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here