विदेश जाने के इच्छुक छात्र अब भारतीय संस्थानों में लेंगे दाखिला

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केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारतीय छात्रों के विदेश पलायन को रोकने की दिशा में कार्य करेगा। इसका उद्देश्य भारतीय युवाओं को देश में ही बेहतरीन शिक्षा और रोजगार के अवसर मुहैया कराना है। मंत्रालय अपनी इस योजना में देश के औद्योगिक संस्थानों की भी मदद लेगा। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा, हम चाहते हैं कि भारतीय युवा विदेशी विश्वविद्यालयों में जाने की जगह भारत में रहकर ही अपनी शिक्षा ग्रहण करें। भारतीय उद्योगों एवं अन्य संस्थानों को नेतृत्व प्रदान कर उन्हें आगे बढ़ाएं।

उन्होंने कहा, हमारे शिक्षण संस्थान विश्वस्तरीय हैं। हमारे संस्थानों से निकले छात्र विश्व की शीर्ष कंपनियों को नेतृत्व प्रदान कर रहे हैं। इस वर्ष लगभग 50 हजार ऐसे छात्र जो विदेश जाकर पढ़ने के इच्छुक थे, उन्होंने स्वदेश में ही रहते हुए अपनी आगे की पढ़ाई पूरी करने की इच्छा जताई है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, हम इस प्रकार की योजना एवं वातावरण तैयार कर रहे हैं कि अगले वर्ष लगभग एक लाख ऐसे छात्रों को देश में ही शिक्षा मुहैया करा सकें, जो कि विदेश जाने के इच्छुक हैं।

खासतौर पर ऐसे भारतीय छात्रों के लिए जो विदेशों में जाकर पढ़ना चाहते थे, लेकिन अब कोरोना संकट के कारण ये छात्र अब वहां नहीं जा सकते। इनमें से कई छात्रों ने देश में ही रहकर अपनी पढ़ाई पूरी करने के इच्छा जताई है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने ऐसे छात्रों को जईई प्रवेश परीक्षा में शामिल होने का विशेष मौका प्रदान किया है।

विदेशी विश्वविद्यालयों में आवेदन कर चुके छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए जेईई मेन की प्रवेश परीक्षा का फॉर्म भरने की अंतिम तारीख भी बढ़ाई गई।

गौरतलब है कि जेईई (मेन) की परीक्षा 1-6 सितंबर के बीच होगी और नीट की परीक्षा 13 सितंबर को होगी। जेईई एडवांस की परीक्षा 27 सितंबर को होगी। पहले जेईई की परीक्षा 18 जुलाई से 23 जुलाई के बीच और नीट की परीक्षा 26 जुलाई को होनी थी।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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