दादा-दादी को डिजिटल साक्षर बनाएंगे छात्र

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माता-पिता, दादा-दादी एवं शिक्षकों को डिजिटलसेवी बनाने के लिए माउंट लिटेरा जी स्कूल ने डिजिटल जागरूकता रैली की पहल की है। इसके तहत 3 15 दिसंबर तक अभियान चलाया जाएगा। इस मुहिम के तहत अलग-अलग विस्तृत विषयों, जैसे साइबर बुलीईंग, फिशिंग, ई-कॉमर्स, नेट बैंकिंग, बिजली, पानी और हाउस टैक्स के ई-पेमेंट से लेकर मोबाइल इंटरनेट बिल तक कवर किया जाएगा। माउंट लिटेरा जी स्कूल्स के बिजनेस हेड सुमित मिश्रा ने कहा कि इस रैली के तहत स्टूडेंट्स, पैरंट्स, दादा-दादी और शिक्षकों की भागीदारी के साथ ही अखिल भारतीय इंटर स्कूल प्रतियोगिता होगी। इसके साथ ही योग, रैली, स्किट्स, क्विज प्रतियोगिता और सिग्नेचर वॉल जैसी गतिविधियां होंगी।

मिश्रा ने कहा कि चेन माउंट लिटेरा जी स्कूल्स कुछ महत्वपूर्ण पहलों की मदद से राष्ट्रव्यापी डिजिटल साक्षरता दिवस मना रहा है। 120 स्कूल सामुदायिक पहुंच के विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करेंगे, जिससे न सिर्फ स्टूडेंट्स, उनके माता-पिता, दादी-दादी और शिक्षक जुड़ेंगे, बल्कि वह तीन पीढ़ियों के डिजिटल अंतर को कम करेगी और उन्हें डिजिटलसेवी बनाएगी। स्टूडेंट्स के पास अपने मांता-पिता और दादा-दादी के सामने ‘डिजिटल लिटरेसी सत्र’ पेश करने का दुर्लभ मौका होगा।

उन्होंने कहा, “यह छात्रों में रचनात्मकता और कल्पनाशीलता का कौशल विकसित करने की हमारी कोशिश है। इस बार हमने बेहद प्रासंगिक विषय-डिजिटल लिया है, लेकिन हम केवल स्टूडेंट्स तक ही रुकना नहीं चाहते, हम चाहते हैं कि उनका पूरा परिवार इसमें शामिल हों। हमने खुद से पूछा कि हम पैरंट्स को कैसे डिजिटल पैरंटिंग स्किल के संबंध में जागरूक कर सकते हैं या कैसे हम बच्चों के दादा-दादी को आगे ला सकते हैं और उन्हें अपने पोते-पोतियों के बराबर डिजिटल रूप से जागरूक बना सकते हैं। डिजिटल जागरूकता काफी विस्तृत विषय है और इसलिए हमने दो हफ्ते लंबा कार्यक्रम बनाया है, जिसमें विभिन्न भागीदारों और डिजिटल टेक्नोलॉजी के विभिन्न आयामों को शामिल किया जाएगा।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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