समाधान ढूंढ़ने वाले छात्र-अध्यापकों को मिलेंगे 2 लाख रुपये

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देशभर के छात्र-छात्राएं ऐसे उपायों की खोज करेंगे, जिनसे कि सरकारी एजेंसियों, स्वास्थ्य सेवाओं, अस्पतालों एवं अन्य सेवाओं को असमय आई चुनौतियों का त्वरित समाधान उपलब्ध करवाया जा सके। समाधान सुलझाने वाले छात्रों और अध्यापकों को 2 लाख रुपये के नगद पुरस्कार दिए जाएंगे। छात्र-छात्राओं में नई खोज करने की क्षमता को परखने के लिए मानव संसाधन मंत्रालय ने यह एक नया कार्यक्रम शुरू किया है। मंत्रालय के इनोवेशन सेल एवं अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद् ने फोर्ज और इनोवेशिओक्यूरिस के साथ मिलकर एक मेगा ऑनलाइन चैलेंज समाधान की शुरुआत की है।

इस चैलेंज में भाग लेने वाले छात्र-छात्राओं के साथ ही अध्यापकों को भी पुरस्कृत करने का फैसला किया गया है। 2 लाख के यह पुरस्कार एआईसीटीई के द्वारा दिए जाएंगे। समाधान योजना के लिए प्रायोजकों को भी आमंत्रित किया गया है। प्रायोजक मिलने पर पुरस्कार की राशि 5 या फिर 10 लाख रुपये तक भी बढ़ाई जा सकती है।

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने कहा, “समाधान चैलेंज के द्वारा नागरिकों को जागरूक बनाने का, किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए प्रेरित करने का, किसी भी संकट को रोकने का और लोगों को आजीविका दिलवाने में सहायता करने का काम भी किया जाएगा।”

निशंक ने छात्रों से इस मुहिम के साथ जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “समाधान चैलेंज के अंतर्गत छात्र-छात्राओं और फैकल्टी के लोगों को नए प्रयोग एवं नई खोज के लिए प्रेरित करना और उनको उस प्रयोग या खोज का परिक्षण करने के लिए एक मजबूत बेस उपलब्ध करवाना है।”

इस कार्यक्रम की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि इसमें भाग लेने वाले प्रतियोगियों के विचार कितने प्रभावशाली हैं जो तकनीकी एवं व्यावसायिक रूप से ऐसे समाधान निकालें जो कि कोरोनावायरस जैसी महामारी से लड़ने में मदद करे।

इस प्रतियोगिता के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 14 अप्रैल है। इस प्रतियोगिता में आगे जाने वाले प्रतिभागियों के नाम 17 अप्रैल को घोषित की जाएगी और आगे जाने वाले प्रतिभागियों को अपनी प्रविष्टियां 18 से 23 अप्रैल के बीच में जमा करनी होगी। आखरी सूची 24 अप्रैल को जारी की जाएगी। इसके बाद 25 अप्रैल को ग्रैंड ऑनलाइन ज्यूरी अपना निर्णय लेगी।

न्यूज सत्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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