दक्षिण भारत में तूफान ‘ओखी’ के कहर से 14 की मौत, 214 मछुआरों को बचाया गया

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दक्षिण भारत में तूफान ‘ओखी’ की दस्तक किसी कहर की तरह ही नजर आ रही है। ओखी की वजह से दक्षिण भारत के तटीय क्षेत्रों में आई मुसीबतें कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं। इस तूफान ने ना सिर्फ तटीय क्षेत्रों को बल्कि तमिलनाडू और केरल समेत कई महत्वपूर्ण हिस्सों को प्रभावित किया है। फिल्हाल भारी बारिश के चलते चेन्नई, मदुरई, कन्याकुमारी व अन्य क्षेत्रों में स्कूल और कॉलेजों को बंद कर दिया गया है।

हालांकि इन परेशानियों से भरे हालातों पर काबू पाने के लिए कोच्चि में नेवी की 5 शिप्स को तैनात किया गया है, इसी के साथ ही लक्षद्वीप पर भी 2 शिप्स स्टैंडबाय पर रखी गई हैं। लगातार बचाव कार्य में जुटी भारतीय नौसेना ने बोइंग पी 8आई विमान आईएनएस ने करीब 7 लोगों को और के सी किंग हेलिकॉप्टर की मदद से 8 लोगों को बचाया लिया गया है, जिनमें से अभी भी दो की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।

गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने एनडीआरएफ के डीजी से बात करके ओखी तूफान और उससे आहत क्षेत्रों के बारे में जानकारी ली है। ओखी से प्रभावित इलाकों में पहले से ही एनडीआरएफ की टीम बचाव कार्य के लिए रवाना हो चुकी है।
सूत्रों के मुताबिक, ओखई के कहर से लगभग 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग तूफान के चलते घायल हो गए हैं। बचाव कर्मियों ने तूफान से करीब 214 को ढंढ लिया है, माना जा रहा हा कि 45 मछुआरे अभी भी लापता हैं।

दूसरी तरफ केरल में भी भारी बारिश का कहर लगातार जारी है। इससे पहले मौसम विभाग के एक अधिकारी ने मुताबिक तूफान से हवा की गति 65-75 किमी प्रति घंटा होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं।

दक्षिणी तमिलनाडु के कन्याकुमारी, तूतीकोरिन और रामनतपुरम जिलों सहित तटीय क्षेत्रों में अगले 24 घंटों तक मछुआरों के लिए अलर्ट जारी कर जिया है। आपको बता दें कि तूफान ओखी बारिश और तेज हवाओं के साथ 140kmph की रफतार से लक्षद्वीप की ओर भी बढ़ रहा है।

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